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फिर विवादों में आए कुणाल कामरा, अटॉर्नी जनरल ने अवमानना का मामला दर्ज करने पर जताई सहमति

Thu, 12 Nov 2020 05:42 PM IST
anand anand एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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कुणाल कामरा (फाइल फोटो) - फोटो : Facebook
मशहूर स्टैंडअप कॉमेडियन कुणाल कामरा एक बार फिर से विवादों में आ गए हैं। उनके खिलाफ अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने आपराधिक अवमानना का मामला दर्ज करवाने के लिए अपनी सहमति दे दी है। अटॉर्नी जनरल ने यह फैसला तब लिया जब कुणाल कामरा ने निजी न्यूज चैनल रिपब्लिक इंडिया के प्रधान संपादक अर्नब गोस्वामी को अंतरिम जमानत दिए जाने के बाद सु्प्रीम कोर्ट के जज के खिलाफ टिप्पणी की। 
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पत्रकार अर्नब गोस्वामी - फोटो : ani
दरअसल बुधवार को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अर्नब गोस्वामी को सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल प्रभाव से जमानत देने के आदेश दिए। इसके बाद कुणाल कामरा ने ट्विटर पर सुप्रीम कोर्ट की आलोचना की। उन्होंने देश की सर्वोच्च अदालत को मजाक बताया। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, 'जिस गति से सुप्रीम कोर्ट राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों को संभालता है। यह समय है महात्मा गांधी की तस्वीर को हरीश साल्वे की तस्वीर में बदल देना चाहिए।'
 
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कुणाल कामरा - फोटो : Twitter
इतना ही नहीं कुणाल कामरा ने अपने एक और ट्वीट में लिखा, 'डीवाई चंद्रचूड़ एक फ्लाइट अटेंडेंट हैं, जो प्रथम श्रेणी के यात्रियों को शैंपेन ऑफर कर रहे हैं क्योंकि वह फास्ट ट्रैक हैं। जबकि सामान्य लोगों को यह भी नहीं पता कि वह कभी भी चढ़ या फिर बैठ भी नहीं पाएंगे। सर्व होने की तो बात ही नहीं हैं।' कुणाल कामरा के इन ट्वीट्स के बाद अर्नब गोस्वामी के वकील रिजवान सिद्दीकी ने अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल को कुणाल कामरा के खिलाफ अवमानना का मामला दर्ज करवाने के लिए पत्र लिखा।
 
 

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अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल - फोटो : Twitter
अब अटॉर्नी जनरल ने रिजवान सिद्दीकी के पत्र को स्वीकार कर लिया है और देश की सबसे बड़ी अदालत के जज का अपमान करने पर कुणाल कामरा के खिलाफ अवमानना का मामला दर्ज करवाने के लिए सहमति जताई है। आपको बता दें कि बीते दिनों अर्नब गोस्वामी को महाराष्ट्र पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उन पर एक इंटीरियर डिजाइनर को कथित तौर पर खुदकुशी के लिए उकसाने के 2018 के मामले में अपनी गिरफ्तारी पर मुंबई के पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह को भी आड़े हाथों लिया।
 
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अर्नब गोस्वामी - फोटो : Republic tv photo grab
इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने व्यक्तिगत स्वतंत्रता को अहम बताते हुए आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अर्नब गोस्वामी को तत्काल रिहा करने का आदेश दिया। इससे पहले कोर्ट ने कहा, अगर हम इस मामले में हस्तक्षेप नहीं करेंगे तो विनाश के रास्ते पर चलेंगे। कोर्ट ने कहा, अगर राज्य सरकारें किसी को निशाना बनाएं तो उन्हें यह महसूस होना चाहिए कि हम उसकी हिफाजत करेंगे। कोर्ट के आदेश पर रात 8:30 बजे अर्नब को तलोजा जेल से रिहा कर दिया गया। रिहाई के बाद वह खुली कार में प्रशंसकों का अभिवादन करते हुए घर पहुंचे।

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