आशा पारेख, हेलेन, वहीदा रहमान
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एक इंटरव्यू के दौरान में आशा पारेख ने कहा, ‘वो तस्वीरें हमारे प्राइवेट वेकेशन की थीं जब लॉकडाउन होने से पहले मार्च के अंत में हम अंडमान गए थे। हमें लगा था कि ये हमारा प्राइवेट वेकेशन है, हम लोग बाहर जाना चाहते थे, रिलेक्स होना चाहते थे। हमे बिल्कुल अंदाजा नहीं है कि किसने हमारी फोटोज क्लिक कर लीं, शायद किसी टूरिस्ट ने की होंगी। आजकल कोई भी फोटोज ले सकता है बिना इजाजत के।’