‘पानीपत’ और ‘सरदार का ग्रैंडसन’ जैसी चर्चित फिल्मों से हिंदी सिनेमा में अपने लिए एक अलग स्थान बनाने की कोशिशों में लगे अभिनेता अर्जुन कपूर के करियर के अच्छे दिन आने वाले हैं। ब्रांड एंडोर्समेंट बाजार में उनकी वैल्यू लगातार बढ़ रही है। मोहब्बत की कहानियों की समय के हिसाब से बदलती दुनिया में भी वह एक ‘बागी’ बनकर उभरे हैं। युवाओं की नई सोच का आइना बन चुके अर्जुन कपूर का निशाना अब हिंदी सिनेमा के उस स्थान पर है, जहां कभी सुनील दत्त, संजीव कुमार और राजेंद्र कुमार जैसे सितारों की जगह हुआ करती थी। ये सारे सितारे कभी नंबर वन की रेस में नहीं रहे लेकिन इनकी फिल्मों को बॉक्स ऑफिस पर दर्शकों का प्यार लगातार मिलता रहा। अर्जुन कपूर भी अपनी तीन नई फिल्मों के चलते इसी कतार में शामिल होते दिख रहे हैं।