हिंदी सिनेमा में वैसे तो कई विलेन हुए जिन्हें इतिहास में याद रखा जाएगा। लेकिन एक विलेन ऐसा था जिसने 40 साल की उम्र में सिनेमा में एंट्री मारी और बड़े-बड़े हीरो के छक्के छुड़ा दिए। ये विलेन कोई और नहीं बल्कि अमरीश पुरी थे। उन्होंने अपनी आवाज से एक अलग पहचान बनाई. पर्दे पर उनकी एक्टिंग देख दर्शक भी डर जाते थे।
आज ही के दिन हुआ था जन्म
22 जून 1932 को जन्मे अमरीश पुरी (Amrish Puri) ने 1971 में रेश्मा और शेरा से अपने फ़िल्मी जीवन की शुरुआत की थी लेकिन अभिनेता के रूप में उन्हें पहचान मिली निशांत, मंथन और भूमिका जैसी फिल्मों से। अमरीश पुरी नकारात्मक भूमिकाओं को वो इस ढंग से निभाते थे कि एक वक्त ऐसा आया जब हिंदी फिल्मों में 'बुरे आदमी' के रूप में लोग उन्हें पहचानने लगे। उनका सबसे यादगार रोल था मिस्टर इंडिया में मोगैंबो का। जिसका डायलॉग आज भी फेमस है। उन्होंने ज्यादातर विलेन की भूमिकाएं ही निभाईं।