फिल्म 'सात हिंदुस्तानी'
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बीबीसी से बातचीत में उन्होंने बताया था, "उनकी आवाज जरूर शानदार थी लेकिन उन्हें देखकर मुझे उस वक्त तो कम से कम कतई नहीं लगा कि ये दुबला पतला, लंबा इंसान कभी सुपरस्टार बन पाएगा। सेट पर वो बिलकुल खामोश रहते थे. फिर फिल्म के एक सीन में उन्हें पुर्तगाली टॉर्चर कर रहे हैं उनका पांव काट दिया गया है और वो रेंग रहे हैं। ये सीन उन्होंने जब किया तो सेट पर मौजूद सारे लोग तालियां बजाने लगे और तब मुझे अहसास हुआ कि ये बंदा काफी दूर तक जाएगा।" अमिताभ बच्चन की पहली फिल्म होने के अलावा भी सात हिंदुस्तानी बहुत अहम फिल्म रही जो राष्ट्रीय एकता, क्षेत्रीयवाद और भाषाओं की दीवारों को लांघती एक फिल्म थी जिसे राष्ट्रीय फ़िल्म पुरस्कार भी मिला।