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Salim Javed Separation: इन फिल्मों में शबाना व हेलेन के नामों पर हुआ एतराज, और टूट गई सलीम-जावेद की हिट जोड़ी

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सलीम खान-जावेद अख्तर - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
अमेजन प्राइम वीडियो पर हाल में ही रिलीज हुई तीन एपिसोड की डॉक्यू सीरीज ‘द एंग्री यंगमेन’ एक बात को बहुत चतुराई से छुपा जाती है और वह ये कि आखिर हिंदी सिनेमा की सबसे कामयाब लेखक जोड़ी टूटी क्यों? सलीम खान और जावेद अख्तर ने फिल्म ‘हाथी मेरे साथी’ से शुरू करके तमाम सुपरहिट फिल्में हिंदी सिनेमा को दीं। कहा यही जाता है कि दूसरी फिल्मों के विचारों को नए मुलम्मे के साथ पेश करने वाली इस जोड़ी ने जब भी कुछ मौलिक लिखने की कोशिश की, उनकी फिल्में ‘ईमान धरम’ की तरह विफल रहीं।

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सौदा - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
सीरीज ये बताती हैं कि सलीम-जावेद ने कुल 24 फिल्में लिखीं और इनमें से 22 सुपरहिट रहीं। दोनों की फ्लॉप फिल्मों की गिनती में बस ‘ईमान धरम’ और ‘शान’ की बात होती है। लेकिन, वरिष्ठ फिल्म समीक्षक दिलीप ठाकुर बताते हैं कि दोनों की लिखी एक फिल्म ‘सौदा’ का जिक्र इनकी फ्लॉप फिल्मों में कभी नहीं होता और न ही ये खुद भी इसका जिक्र करते हैं। विनोद खन्ना और योगिता बाली की लीड भूमिकाओं वाली ये फिल्म साल 1979 में रिलीज हुई। फिल्म का मुख्य शो मुंबई के रॉक्सी सिनेमाघर में हुआ था। और, फिल्म ‘इमान धरम’ को वह फिल्म माना जाता है जहां से सलीम खान और जावेद खान की दोस्ती टूटने की शुरुआत होती है।
 
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फिल्म 'मैं आजाद हूं' - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
वरिष्ठ फिल्म समीक्षक इंदर मोहन पन्नू हिंदी सिनेमा की इस सबसे कामयाब जोड़ी सलीम-जावेद की दोस्ती टूटने का एक और रोचक किस्सा बताते हैं। वह बताते हैं, ‘इन दोनों की दोस्ती टूटने की सबसे बड़ी वजह है फिल्म ‘मैं आजाद हूं’ में हीरोइन की कास्टिंग। जैसा कि कहावत मशहूर है कि दुश्मनी की तीन ही वजहें हैं होती हैं, जर, जोरू और जमीन यानी कि दौलत, औरत और जायदाद, यहां दोनों की दोस्ती टूटने की वजहें बनीं शबाना आजमी और हेलन।’

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मैं आजाद हूं-शबाना आजमी - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
इस बारे में और कुरेदने पर पन्नू बताते हैं, ‘उन दिनों अपनी लिखी फिल्मों की कास्टिंग भी अक्सर सलीम-जावेद ही तय किया करते थे। दोनों ने मिलकर फिल्म ‘मैं आजाद हूं’ लिखी थी। एक निर्माता को दोनों ने मिलकर कहानी सुनाई और जावेद अख्तर ने शबाना आजमी का नाम बतौर हीरोइन अमिताभ बच्चन के साथ सुझा दिया। इस पर सलीम खान ने वहीं ये कहते हुए एतराज दर्ज करा दिया कि शबाना की छवि कला फिल्मों की हीरोइन की है और इस फिल्म के लिए परवीन बाबी या जीनत अमान सही रहेंगी। निर्माता ने दोनों का ये रूप देखा तो फिल्म बनाने का विचार ही त्याग दिया।’ ये जोड़ी टूटने के बाद जावेद अख्तर ने फिल्म ‘मैं आजाद हूं’ निर्देशक टीनू आनंद के साथ बनाई और हीरोइन उनकी पसंद की ही रहीं, शबाना आजमी।
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ईमान धरम-हेलेन - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
दोनों के बीच मनमुटाव की वजह जावेद अख्तर की प्रेयसी शबाना ही रही हों, ऐसा भी नहीं है। अपने कैबरे डांस नंबर्स की वजह से हिंदी सिनेमा में खूब शोहरत पाने वाली अभिनेत्री हेलेन पर जिन दिनों सलीम खान का दिल आया था, उसी समय ‘ईमान धरम’ भी बन रही थी। इंदर मोहन पन्नू बताते हं, ‘फिल्म ‘ईमान धरम’ में जब अमिताभ के सामने हीरोइन लेने की बात आई तो उन्होंने तुरंत हेलेन का नाम आगे कर दिया। इस पर जावेद अख्तर ने एतराज जताया था। लेकिन, तब सलीम खान की दबंगई ने अपना असर दिखाया और फिल्म में हेलेन आ गईं। इस बात को लेकर जावेद अख्तर मन ही मन बहुत नाराज रहे।’
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सलीम खान-जावेद अख्तर - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
दोनों की जिस दिन दोस्ती टूटी, उस दिन का किस्सा भी बहुत अजीब ही रहा है। बताते हैं कि सलीम खान और जावेद अख्तर एक फिल्म की कहानी पूरी करके लौट रहे थे। गाड़ी सलीम खान चला रहे थे और उन्होंने जावेद को उनके घर तक छोड़ा। जावेद जब गाड़ी से उतरे तो उन्होंने सलीम खान से कहा, ‘ये सफर अब यहीं खत्म होता है।’ बताते हैं कि तब तक जावेद अख्तर ने अमिताभ बच्चन की फिल्म ‘सिलसिला’ के गीत लिखने के लिए निर्माता-निर्देशक यश चोपड़ा से बात कर ली थी।

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