योगेश्वर नाथ मिश्रा
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
योगेश्वर नाथ मिश्रा मिश्रा कहते हैं, 'नवंबर 2019 में नासा गया और वहां रिसर्च शुरू किया, लेकिन फरवरी 2020 में कोविड आ गया और नासा की लैब बंद हो गई। मुझे वर्क फ्रॉम होम करना था। जहां मैं रहता था वहां से 10 मिनट की दूरी पर कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी है। वहां मुझे रिसर्च करने की अनुमति मिली और वहीं पर मैंने दुनिया की सबसे फास्ट लेजर शीट इमेजिंग टेक्नोलॉजी की खोज की है। इसकी मदद से रॉकेट की लपटों से निकलने वाले नैनोपार्टिकल्स की स्टडी में मदद मिलती है। फास्ट लेजर शीट इमेजिंग टेक्नोलॉजी एक ऐसी तकनीक है, जिसके माध्यम से एक सेकेण्ड में एक करोड़ तस्वीरें ली जा सकती हैं।’