ब्रिटिश सीक्रेट सर्विस एजेंट जेम्स बॉन्ड 007 की पूरी दुनिया दीवानी है। अब तक इस सीरीज की 24 फिल्में रिलीज हो चुकी हैं। 25वी फिल्म ओटीटी पर रिलीज करने की बात की जा रही है। अब ये फिल्म ओटीटी पर रिलीज होगी या नहीं ये तो आने वाला वक्त ही बताएंगा क्योंकि बॉन्ड की एक भी फिल्म भारत में किसी ओटीटी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध नहीं है।
बॉन्ड हमेशा एक मिशन पर निकलता है जिसमें उसकी मुलाकात हसीन और खतरनाक इत्तेफाकों से होती है। लेकिन ये इत्तेफाक इतने कमाल के होते हैं कि लोग एक ही फिल्म के लिए दसों बार थियेटर जाते हैं। सिनेमा के इतिहास में एक शब्द कभी नहीं भुलाया जा सकेगा वो है- द नेम इज बॉन्ड… जेम्स बॉन्ड
दुनिया में इस तरह आया बॉन्ड
इयान फ्लेमिंग जाने माने ब्रिटिश लेखक और ब्रिटिश नौसेना की गुप्तचर शाखा के अधिकारी थे। उनका मानना था कि दुश्मनों से निपटने का सबसे आसान तरीका ये है कि दुश्मनों के हथियार ही चुरा लो। उन्हें जासूसी कहानियां लिखने का भी बहुत शौक था। इयान फ्लेमिंग के पड़ोसी थे नोएल कॉवर्ड, उन्होंने ही फ्लेमिंग को उपन्यास लिखने के लिए प्रोत्साहित किया। फ्लेमिंग ने अपने अनुभव व कल्पना से शुरुआत में ही 2,000 शब्द लिख डाले। फिर एक महीने बाद ही, उन्होंने अपनी पुस्तक पूरी कर ली। इसी किताब पर शुरुआत की कई बॉन्ड फिल्में बनाई गईं।