Nusrat Jahan
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शाही इमाम ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा- 'मुझे नहीं पता फतवे में क्या लिखा है लेकिन इस्लाम सिंदूर की अनुमति नहीं देता है। यह इस्लाम की संस्कृति नहीं है, यह शादी नहीं बल्कि दिखावे का रिश्ता है। मुसलमान और जैन दोनों इसे विवाह नहीं मानेंगे। अब वह ना तो मुसलमान है और ना ही जैन। उसने बड़ा अपराध किया है, ऐसा नहीं करना चाहिए था।' आपको बता दें, नुसरत जहां को लेकर बवाल उस वक्त शुरू हुआ था जब वह संसद में शपथ लेने गई थीं। नुसरत संसद में मांग में सिंदूर, गले में मंगलसूत्र और साड़ी पहने हुई थीं। जिसके बाद देवबंद के धर्मगुरुओं फतवा जारी कर दिया।