नूतन ने सुजाता, बंदिनी, मैं तुलसी तेरे आंगन की, सीमा, सरस्वती चंद्र, और मिलन जैसी कई फिल्मों में यादगार अभिनय किया। इसके लिए ढेरों अवार्ड जीते। नूतन उस दौर की बाकी अभिनेत्रियों से बिल्कुल अलग थीं। महिला केंद्रित फिल्मों को तवज्जो दिया करती थीं। उनकी एक्टिंग के आगे हीरोज भी फीके पड़ जाते थे। वे अपने हर किरदार से सबको चौंका देती थीं। कहते हैं उनकी उंगलियां तक अभिनय करती थीं। नूतन गानों की बहुत शौकिन थीं। दूसरी ओर तैराकी और घुड़सवारी भी पसंद करती थीं। लिखना, कार ड्राइविंग, बैडमिंटन भी उनके शौक थे।