कंगना रणौत
- फोटो : सोशल मीडिया
उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए था, क्योंकि तब हमारे देश को एक गरीब देश माना जाता था। अब मुझे अपनी संस्कृति पर गर्व है और अब मुझे साड़ी पहनने का मन करता है। इसलिए, जब आपको अपनी संस्कृति के महत्व का एहसास होता है, तो आपके पास इसे अपनाने का विकल्प होता है। हमारा देश उच्च विवेक की ओर जा रहा है, जहां नागरिक वह बनना चुन सकते हैं जो वे बनना चाहते हैं। किसी को भी इन्हें आप पर थोपने की जरूरत नहीं है।