किसी भी क्षेत्रीय सिनेमा के मुकाबले भोजपुरी सिनेमा के दर्शक सबसे ज्यादा हैं, बावजूद इसके इसे वह सफलता नहीं मिल पाई है जितनी सफलता बाकी क्षेत्रीय सिनेमा को मिली है। अक्सर इसकी तुलना साउथ की इंडस्ट्री से भी होती है लेकिन कहा यही जाता है कि दूसरा सिनेमा उस तरह का कंटेंट लेकर नहीं ला पा रहा। पर जब इस कंटेंट को लिखने वाले लेखकों की बात आती है तो उनकी गिनती सबसे बाद में होती है। बॉलीवुड का ये रोग अब भोजपुरी सिनेमा को भी लग गया है। भोजपुरी सितारे अरविंद अकेला 'कल्लू' की फिल्म 'कल्लू की दुल्हनिया' के राइटर को फिल्म की रिलीज के बाद भी अब तक उनके पारिश्रमिक का भुगतान कथित रूप से नहीं हुआ है।