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Year Ender 2021: जेईई मेन परीक्षाओं के पैटर्न में हुए बड़े बदलाव, साल में चार बार होने लगी परीक्षा

Tue, 21 Dec 2021 06:13 PM IST
देवेश शर्मा एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

Year Ender 2021 JEE Main four times examination started: बीते साल 2020 की तरह ही साल 2021 भी शिक्षा के क्षेत्र में अहम बदलावों का गवाह बना है। 2020 में जहां देश में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को मंजूरी दी गई थी तो वहीं 2021 में शिक्षा जगत में इसका प्रभाव देखने को मिला।
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जेईई मेन परीक्षा पैटर्न में हुए बदलाव - फोटो : अमर उजाला
बीते साल 2020 की तरह ही साल 2021 भी शिक्षा के क्षेत्र में अहम बदलावों का गवाह बना है। 2020 में जहां देश में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को मंजूरी दी गई थी तो वहीं 2021 में शिक्षा जगत में इसका प्रभाव देखने को मिला। यह प्रभाव न केवल स्कूल शिक्षा बल्कि उच्च शिक्षा प्रणाली में भी नजर आया। इस साल भी एक ओर संक्रामक वैश्विक महामारी कोविड-19 के कारण दुनियाभर में शिक्षण संस्थान लंबे समय तक बंद रहे। वहीं, ऑनलाइन लर्निंग के तौर-तरीकों का प्रचलन में भी तेजी आई है। 2021 में जेईई मेन (JEE Mains) परीक्षा को लेकर भी काफी बदलाव देखने को मिले।

हालांकि, 2021 में भी परीक्षाओं पर कोरोना का साया मंडराया रहा और कई बार परीक्षाओं को स्थगित करना पड़ा। जेईई परीक्षाओं का आयोजन भी अलग-अलग चरणों में हुआ। संयुक्त प्रवेश परीक्षा यानी जेईई (JEE) देशभर के प्रमुख शिक्षा संस्थानों के इंजीनियरिंग और आर्किटेक्चर पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए आयोजित की जाती है। यह परीक्षा दो तरह की होती है। देश के प्रमुख विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, तकनीकी शिक्षण संस्थानों में जेईई मेन के आधार पर दाखिले होते हैं तो वहीं उच्चतम संस्थानों जैसे आईआईटी, एनआईटी और ट्रिपल आईटी में जेईई एडवांस की रैंक के आधार पर प्रवेश मिलते हैं। 
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तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक - फोटो : अमर उजाला

JEE Main दिसंबर, 2020 में डॉ निशंक ने की थी घोषणा 

16 दिसंबर, 2020 को तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ रमेश पोखरियाल निशंक ने संयुक्त प्रवेश परीक्षा यानी जेईई (JEE) परीक्षा प्रणाली को लेकर 2021 के लिए प्रस्तावित बदलावों की घोषणा की थी। इसके तहत 2021 में जेईई परीक्षा का आयोजन चार चरणों फरवरी, मार्च, अप्रैल और मई में निर्धारित किया गया था। हालांकि, अप्रैल और मई सत्र की परीक्षाएं कोरोना महामारी की भेंट चढ़ गईं और इन्हें बाद में आयोजित किया गया था। उम्मीदवारों के द्वारा चारों चरणों में प्राप्त प्राप्तांकों में से सर्वश्रेष्ठ प्राप्तांकों के आधार पर ही एनटीए द्वारा फाइनल रैंक लिस्ट तैयार की गई। 
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जेईई मेन 2021 - फोटो : एनटीए

JEE Main Exam प्रश्न-पत्र क्षेत्रीय भाषाओं में आने लगे

वहीं नई शिक्षा नीति के अमलीकरण को ध्यान रखते हुए एनटीए की ओर से जेईई परीक्षा के प्रश्न-पत्रों में क्षेत्रीय भाषाओं को भी शामिल किया गया। प्रमुख भाषाओं में हिंदी, अंग्रेजी के अलावा असमी, गुजराती, बंगाली, कन्नड़, मराठी, मलयालम, उड़िया, पंजाबी, तमिल, तेलुगू और उर्दू में पेपर तैयार किए गए। सभी क्षेत्रीय भाषाओं के साथ प्रश्न अंग्रेजी भाषा में भी था।  
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एनटीए जेईई मेन - फोटो : सोशल मीडिया

JEE Main Paper Pattern में हुए ये बदलाव

संयुक्त प्रवेश परीक्षा यानी जेईई (JEE Main) के प्रश्न-पत्रों में भी बदलाव देखने को मिला। इनमें 90 प्रश्नों में सिर्फ 75 सवालों के जवाब देने थे। 15 प्रश्न तो ऑब्जेक्टिव पैटर्न के थे। इन प्रश्नों के लिए नकारात्मक अंकन का प्रावधान भी हटा दिया गया था। इससे छात्रों को काफी लाभ मिला। 
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