बीते साल 2020 की तरह ही साल 2021 भी शिक्षा के क्षेत्र में अहम बदलावों का गवाह बना है। 2020 में जहां देश में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को मंजूरी दी गई थी तो वहीं 2021 में शिक्षा जगत में इसका प्रभाव देखने को मिला। यह प्रभाव न केवल स्कूल शिक्षा बल्कि उच्च शिक्षा प्रणाली में भी नजर आया। इस साल भी एक ओर संक्रामक वैश्विक महामारी कोविड-19 के कारण दुनियाभर में शिक्षण संस्थान लंबे समय तक बंद रहे। वहीं, ऑनलाइन लर्निंग के तौर-तरीकों का प्रचलन में भी तेजी आई है। 2021 में जेईई मेन (JEE Mains) परीक्षा को लेकर भी काफी बदलाव देखने को मिले।
हालांकि, 2021 में भी परीक्षाओं पर कोरोना का साया मंडराया रहा और कई बार परीक्षाओं को स्थगित करना पड़ा। जेईई परीक्षाओं का आयोजन भी अलग-अलग चरणों में हुआ। संयुक्त प्रवेश परीक्षा यानी जेईई (JEE) देशभर के प्रमुख शिक्षा संस्थानों के इंजीनियरिंग और आर्किटेक्चर पाठ्यक्रमों में दाखिले के लिए आयोजित की जाती है। यह परीक्षा दो तरह की होती है। देश के प्रमुख विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, तकनीकी शिक्षण संस्थानों में जेईई मेन के आधार पर दाखिले होते हैं तो वहीं उच्चतम संस्थानों जैसे आईआईटी, एनआईटी और ट्रिपल आईटी में जेईई एडवांस की रैंक के आधार पर प्रवेश मिलते हैं।