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यूपी बोर्ड 2021 : 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं पर फैसले में होगी देरी, जारी हो गया नया फरमान

Thu, 20 May 2021 10:16 PM IST
देवेश शर्मा एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

यूपी बोर्ड 10वीं के छात्रों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी थी। वे मान बैठे थे कि परीक्षाएं रद्द हो चुकीं हैं लेकिन अभी ऐसा नहीं हुआ। 
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यूपी बोर्ड : उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा बोर्ड - फोटो : Amar Ujala Graphics
देशभर में तेजी से बढ़ रहे कोरोना महामारी के मामलों के बीच उत्तर प्रदेश बोर्ड पर सबकी निगाहें टिकी हैं। देश-दुनिया का सबसे बड़ा स्कूल शिक्षा बोर्ड उत्तर प्रदेश बोर्ड इस बार उलझन में नजर आ रहा है। दरअसल, कोरोना महामारी के कारण देशभर में अधिकांश बोर्ड परीक्षाएं रद्द और स्थगित हो चुकी हैं। यूपी बोर्ड ने भी अपनी 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं स्थगित कर दी थीं। लेकिन अब परीक्षाओं को रद्द करने की मांग तेजी से जोर पकड़ती जा रही है। बोर्ड पर जल्द फैसला लेने का दबाव बना हुआ है। 
इस बीच उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) के सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने उच्च स्तरीय बैठकों के बाद प्रदेश के सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को एक नोटिस जारी कर निर्देश दिया था कि वे 18 मई तक यूपी बोर्ड कक्षा 10वीं के सभी छात्रों के छमाही एग्जाम व प्री-बोर्ड एग्जाम के प्राप्तांक और पूर्णांक परिषद की आधिकारिक वेबसाइट https://upmsp.edu.in/ पर अपलोड कर दें। इस सूचना के बाद यूपी बोर्ड 10वीं के छात्रों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी थी। वे मान बैठे थे कि परीक्षाएं रद्द हो चुकीं हैं लेकिन अभी ऐसा नहीं हुआ। 
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UP Board Exam 2021 - फोटो : Amar Ujala Graphics
दरअसल, छात्र समझ रहे थे कि शायद 20 मई तक उनका रिजल्ट घोषित कर दिया जाएगा, लेकिन छात्रों को बता दें कि ऐसा नहीं होने वाला। यूपीएमएसपी (UPMSP) ने हाल ही में वेबसाइट में नंबर अपलोड करने की तारीखों में बड़ा बदलाव करते हुए इस डेट को 18 मई से बढ़ाकर 24 मई तक कर दिया था। यानी अब स्कूल प्रशासन यूपी बोर्ड 10वीं के छमाही और प्री-बोर्ड एग्जाम के नंबर 24 मई तक बोर्ड की वेबसाइट https://upmsp.edu.in/  पर अपलोड कर सकते हैं।
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up board - फोटो : Amar Ujala Graphics
नौवीं कक्षा के भी विषयवार अंक मांगे
यूपी बोर्ड की ओर से 2021 की हाईस्कूल बोर्ड परीक्षा में शामिल हो रहे परीक्षार्थियों के छमाही एवं प्री-बोर्ड परीक्षा के अंक मांगे जाने के बाद अब बोर्ड ने इन परीक्षार्थियों के नौवीं के वार्षिक परीक्षा के अंक भी मांगे हैं। इस संबंध में यूपी बोर्ड सचिव दिव्यकांत शुक्ल की ओर से जिला विद्यालय निरीक्षकों को भेजे पत्र में कहा गया है कि सत्र 2020-21 एवं परीक्षा वर्ष 2021 के हाईस्कूल परीक्षार्थियों का नौवीं कक्षा के वार्षिक परीक्षा के विषयवार अंक वेबसाइट https://upmsp.edu.in/  पर 24 मई, 2021 तक हर हाल में अपलोड करवाएं। 

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UP Board Exam 2021 - फोटो : Amar Ujala Graphics
प्रोजेक्ट कार्य के लिए पूर्णांक 30 अंक
यूपी बोर्ड सचिव दिव्यकांत शुक्ल की ओर से जिला विद्यालय निरीक्षकों (डीआईओएस) को भेजे पत्र में कहा गया है कि स्कूलों से हाईस्कूल के परीक्षार्थियों के वार्षिक परीक्षा के विषयवार लिखित एवं प्रयोगात्मक (प्रोजेक्ट) परीक्षा के पूर्णांक एवं प्राप्तांक बोर्ड की वेबसाइट https://upmsp.edu.in/  पर 24 मई की शाम तक अपलोड करवा दें। बोर्ड सचिव की ओर से कहा गया है कि लिखित परीक्षा के प्राप्तांक के लिए हर विषय का विषयवार पूर्णांक 70 अंक तथा प्रोजेक्ट कार्य के लिए विषयवार पूर्णांक 30 अंक तय किया गया है।
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यूपी बोर्ड परीक्षा। - फोटो : amar ujala
पहले यह था आदेश  
बोर्ड सचिव की ओर से कहा गया है कि यदि किसी विद्यालय की सूचना अपलोड नहीं होती है तो उसके लिए जिले के जिला विद्यालय निरीक्षक सीधे जिम्मेदार होंगे। इससे पहले बोर्ड ने जिला विद्यालय निरीक्षकों से हाईस्कूल के छात्रों के दसवीं के छमाही एवं प्री बोर्ड परीक्षा के अंक 20 मई, 2021 तक वेबसाइट https://upmsp.edu.in/  पर अपलोड करने का निर्देश दिया था।
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यूपी बोर्ड। - फोटो : amar ujala
12वीं के छात्र जारी रखें अपनी तैयारी  
एक तरफ जहां हाईस्कूल यानी 10वीं के छात्रों को स्टूडेंट्स को प्रमोट करने की कवायद तेज कर दी गई है, वहीं दूसरी ओर इंटर के बोर्ड छात्रों के सामने अभी भी असमंजस की स्थिति है। ऐसे में 12वीं छात्रों के लिए यही सलाह है कि वे अपनी तैयारी करते रहें।  
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यूपी बोर्ड। - फोटो : amar ujala
लेकिन समस्या यह भी 
इस आदेश के बाद स्कूलों के सामने एक समस्या खड़ी हो गई है। गत वर्ष कक्षा 09 के छात्रों को प्रमोट कर दिया गया था, कई स्कूल ऐसे थे जो वार्षिक परीक्षा नहीं करा पाए थे। ऐसे स्कूलों के पास छात्रों के अंक नहीं होंगे। वहीं, बोर्ड की यह व्यवस्था भी पहली बार है, जिसमें पूर्ववर्ती कक्षा के प्राप्तांक पूछे गए हों। अधिकांश स्कूलों के पास कक्षा 09 के अंकों का रिकॉर्ड भी जल्दी से उपलब्ध नहीं होगा। ऐसी परिस्थिति में स्कूल मनमाने अंक अपलोड कर सकते हैं। इनके फलस्वरूप कक्षा 10वीं के परिणाम में छात्रों को नुकसान भी उठाना पड़ सकता है। 
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