फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Oscar Awards: क्या है ऑस्कर का असली नाम, क्या कोई विजेता बेच सकता है अपना अवॉर्ड

Mon, 10 Feb 2020 11:09 AM IST
रत्नप्रिया रत्नप्रिया एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
Oscar award
विज्ञापन
साल 2020 के लिए ऑस्कर अवॉर्ड्स की घोषणा की जा चुकी है। इस साल 92वां ऑस्कर दिया जा रहा है। इस अवॉर्ड की शुरुआत 1929 में की गई थी। लेकिन तब इसे ऑस्कर कहकर नहीं बुलाया जाता था। आज भी ऑस्कर अवॉर्ड्स का असली नाम कुछ और है। 

क्या है ऑस्कर अवॉर्ड्स का वास्तविक नाम? इसे ऑस्कर नाम कब और क्यों दिया गया? इसका वजन कितना होता है? क्या कोई ऑस्कर विजेता अपना अवॉर्ड बेच सकता है? आइए जानते हैं इन सवालों के जवाब।
विज्ञापन

2 of 5
ऑस्कर - फोटो : सोशल मीडिया

ऑस्कर की ट्रॉफी

  • ऑस्कर के लिए दी जाने वाली ट्रॉफी को 1928 में डिजाइन किया गया था। इसे मेट्रो गोल्डविन मेयर (MGM) के चीफ आर्ट डायरेक्टर स्व. सेड्रिक गिब्बन्स ने डिजाइन किया था। 
  • खास बात ये है कि इस ट्रॉफी को डिजाइन करने वाले गिब्बन्स ने खुद भी ये अवॉर्ड जीता था। वे अपने करियर में 38 बार ऑस्कर के लिए नॉमिनेट हुए और 11 बार ये अवॉर्ड जीता। 
  • ये ट्रॉफी 13.5 इंच लंबी और करीब 3.74 किलोग्राम वजनी होती है। ऑस्कर की ट्रॉफी सॉलिड तांबे की बनी होती है, जिसके ऊपर 24 कैरेट सोने की परत चढ़ाई जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

3 of 5
ऑस्कर
  • ऑस्कर की आधिकारिक साइट के अनुसार, बीते करीब नौ दशकों में 3100 से ज्यादा ऑस्कर दिए जा चुके हैं।
  • हर साल अवॉर्ड समारोह के लिए 50 ट्रॉफी बनाए जाते हैं। इन्हें बनाने में तीन महीने का समय लगता है।

4 of 5
File Photo

क्या ऑस्कर बेचा जा सकता है?

  • तकनीकी रूप से ऑस्कर विजेताओं के पास पहली बार में उनकी ट्रॉफी बेचने का अधिकार नहीं होता है। अगर वे ऐसा करना चाहते हैं तो नियमानुसार उन्हें पहले ऑस्कर देने वाली संस्था एकेडमी ऑफ मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंसेज को एक डॉलर में ट्रॉफी खरीदने का मौका देना होगा।
विज्ञापन

5 of 5
Oscar

क्या है ऑस्कर का असली नाम?

  • इस अवॉर्ड का असली / आधिकारिक नाम है - 'एकेडमी अवॉर्ड ऑफ मेरिट (Academy Award of Merit)'।
  • एकेडमी ऑफ मोशन पिक्चर आर्ट्स एंड साइंसेज के अनुसार, इस अवॉर्ड के लिए ऑस्कर नाम की चर्चा इसकी शुरुआत के करीब पांच साल बाद 1934 में हुई थी।
  • अवॉर्ड को 'ऑस्कर' नाम देने के पीछे जो कहानी सबसे चर्चित है, वो है - एकेडमी की तत्कालीन लाइब्रेरियन मार्गरेट हेरिक ने जब पहली बार अवॉर्ड की ट्रॉफी (statue) को देखा तो कहा कि ये उनके अंकल ऑस्कर से मिलती है। इसके बाद ही एकेडमी अवॉर्ड ऑफ मेरिट को ऑस्कर निकनेम दिया गया। आज ये इसी नाम से प्रसिद्ध है। बाद में मार्गरेट एकेडमी की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर भी बनीं। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next