आज से करीब सात साल पहले, 16 दिसंबर 2012 की वो घटना देश शायद कभी नहीं भूल सकता। ये वो तारीख है जो आज भी इंसानियत को अंदर तक कचोट देती है। जब राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में चलती बस में पांच दरिंदों ने क्रूरता की हदें पार कर दी थीं। तब जन्म हुआ था निर्भया का। उस घटना के सात साल बाद अब निर्भया के चारों दोषियों की फांसी की तारीख तय हो चुकी है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा डेथ वारंट जारी होने के बाद भी दोषियों ने सुधारात्मक याचिका दायर की थी। लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट ने उसे भी खारिज कर दिया है। अब 22 जनवरी 2020 को चारों को फांसी होनी तय है।