गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों का हुजूम
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1988 के आंदोलन ने हिला दी थी राजीव गांधी की सरकार
किसानों के बीच बाबा टिकैत के नाम से लोकप्रिय किसान नेता महेंद्र सिंह टिकैत के नेतृत्व वाला 1988 का किसान आंदोलन आजाद भारत का ऐसा बड़ा आंदोलन था, जिसने तत्कालीन केंद्र सरकार को हिला डाला था। देश के अन्नदाताओं के उस आंदोलन ने राजीव गांधी के नेतृत्व वाली तत्कालीन कांग्रेस सरकार को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था। महेंद्र सिंह टिकैत पांच लाख किसानों को लेकर एक सप्ताह तक दिल्ली के बोट क्लब पर बैठे रहे थे। इस आंदोलन ने तत्कालीन राजीव गांधी सरकार के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी थी। इसमें 14 राज्यों के किसान शामिल हुए थे। तब किसानों के जत्थों ने विजय चौक से लेकर इंडिया गेट तक कब्जा जमा लिया था। किसान ट्रैक्टर और बैल गाड़ियां लेकर बोट क्लब पहुंच थे। इतना ही नहीं किसान तब पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि के लिए बनाए जा रहे मंच पर बैठ गए थे। तब जाकर सरकार ने किसानों के 35 सूत्रीय मांगों पर अमल करने का आश्वासन दिया था। इसके बाद किसानों ने अपना आंदोलन खत्म कर दिया था।