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सप्ताह में तीन छुट्टियां, रोजाना छह घंटे काम, इस प्रधानमंत्री ने रखा प्रस्ताव

Mon, 06 Jan 2020 05:10 PM IST
रत्नप्रिया रत्नप्रिया एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
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सना मारिन - फोटो : eu2019.fi
कैसा हो अगर आपको हर सप्ताह में तीन दिनों की छुट्टियां मिले और बाकी के चार दिन रोजाना सिर्फ छह घंटे काम करना पड़े? शायद ही कोई ऐसा होगा जो इस तरह का ऑफर ठुकराएगा। आखिर नौकरी सरकारी हो या निजी, हर कोई चाहता है कि उसे पर्याप्त छुट्टियां मिलें। पर ज्यादातर लोगों की ये ख्वाहिश पूरी नहीं हो पाती।

लेकिन अगर कोई सरकार खुद ऐसा नियम बना दे तो...? ये मजाक नहीं, हकीकत है। एक प्रधानमंत्री ने देश में ऐसा नियम बनाए जाने का प्रस्ताव रखा है। कौन हैं वो प्रधानमंत्री? क्या है प्रस्ताव? आगे पढ़ें इस बारे में सबकुछ।
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Sanna Marin - फोटो : Sanna Marin Twitter
  • यहां बात हो रही है हाल ही में फिनलैंड की प्रधानमंत्री बनीं सना मारिन (Finland Prime Minister Sanna Marin) की। 34 साल की सना मारिन दुनिया ने अपने देश में काम के घंटों को लचीला बनाने की कोशिश की है।
  • डेली मेल की रिपोर्ट के अनुसार सना कहती हैं 'मैं मानती हूं कि लोगों को अपने परिवार और प्रिय लोगों के साथ ज्यादा समय बिताना चाहिए। उन्हें अपने शौक और जीवन के विभिन्न पहलुओं को जीने व समझने के लिए समय निकालना चाहिए।'
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Sanna Marin - फोटो : social media
  • अभी फिनलैंड में सप्ताह में पांच दिन रोजाना आठ घंटे काम करना सामान्य है। ठीक वैसे ही जैसे भारत में कई कंपनियों व सरकारी विभागों में है।
  • लेकिन सना मारिन सप्ताह में काम के दिन कम करने और कर्मचारियों के काम की क्षमता व उससे मिलने वाले नतीजे बेहतर करने की वकालत कर रही हैं।
  • सना का कहना है कि 'फिनिश नागरिकों के लिए जरूरी है कि वो कम काम करें। ये नारीवादी तरीके से सरकार चलाने की बात नहीं है, बल्कि अपने मतदाताओं से किए वादे निभाने और उन्हें मदद पहुंचाने की बात है।'

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Sanna Marin - फोटो : social media
सना खुद एक बच्चे की मां हैं और चार राजनीतिक पार्टियों के गठबंधन का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। उन सभी पार्टियों की प्रमुख महिलाएं ही हैं, जिनमें से तीन की उम्र 35 साल से कम है। उनके इस प्रस्ताव का फिनलैंड के शिक्षा मंत्री ली एंडर्सन ने बेहद खुशी से स्वागत किया है।

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सना मारिन - फोटो : social media
  • बता दें कि फिनलैंड के पड़ोसी देश स्वीडन में भी 2015 में रोजाना 6 घंटे काम का नियम लागू किया गया था। नतीजा - कर्मचारी खुश होकर काम करने लगे, उत्पादकता बढ़ गई और जीवनशैली बेहतर हो गई।
  • इसके अलावा नवंबर 2018 में माइक्रोसॉफ्ट जापान ने भी काम और बाकी जीवन में संतुलन बनाने के लिए सप्ताह में चार दिन काम करने का नियम लागू किया। नतीजा - कर्मचारियों व कंपनी की उत्पादकता 39.9 फीसदी बढ़ गई।
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