पंडित जवाहर लाल नेहरू, भारतीय स्वाधीनता संग्राम के दौर की वह शख्सियत, जिनका नाम उनकी मौत के 57 साल बाद भी देश की सियासत को गरमा देता है। यह एक नाम ही नहीं वरन एक गुलाम भारत से लेकर स्वाधीन भारत, प्राचीन भारत से आधुनिक भारत के बनने की एक पूरी कहानी है। लेकिन इस कहानी में कई उतार-चढ़ाव भी आए हैं, जिनके कारण पंडित नेहरू का नाम आज भी देश की राजनीति में अमर है और सालों तक रहेगा।
पंडित जवाहर लाल नेहरू भारत की स्वाधीनता के बाद देश के पहले प्रधानमंत्री बने थे। आजाद भारत की सरकार के मुखिया बनने के बाद से वर्तमान भारत के स्वरूप में आने तक कई आमूलचूल बदलाव हुए हैं। देश की भौगोलिक, औद्योगिक विकास, राजनीतिक स्थिरता और आंतरिक व्यवस्थाओं से संबंधित उनके कई फैसले देश के विकास में मील के पत्थर साबित हुए हैं। लेकिन उस दौर के कुछ फैसले ऐसे रहे, जिनमें भले ही उनकी प्रत्यक्ष भूमिका के स्पष्ट प्रमाण नहीं हैं लेकिन उन फैसलों को लेकर वे सदैव आलोचकों के निशाने पर रहे। आइए जानते हैं कुछ ऐसे ही फैसलों के बारे में ...