पुलिस द्वारा एनकाउंटर की खबरें तो आपने कई बार सुनी होंगी। लेकिन क्या आप जानते हैं कि देश में पहला एनकाउंटर कब हुआ था? कहां की पुलिस ने देश के पहले एनकाउंटर को अंजाम दिया था? किसने किसे गोली मारी थी?
इन सवालों के जवाब आगे की स्लाइड्स में पढ़ें।
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महाराष्ट्र पुलिस (फाइल फोटो)
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देश में पहले एनकाउंटर का रिकॉर्ड मुंबई पुलिस के नाम दर्ज है।
मुंबई में बढ़ते गैंगवॉर पर काबू पाने के लिए एक ईकाई बनाई गई थी जिसे 'एनकाउंटर स्क्वॉड' का नाम दिया गया था। यह एनकाउंटर स्क्वॉड 80 और 90 के दशक के दौरान चर्चा में आया था।
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इशाक बागवान
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ये वो समय था जब इस स्क्वॉड ने दाऊद इब्राहिम की डी-कंपनी गैंग, अरुण गावली गैंग और अमर नाईक गैंग से निपटना शुरू किया।
ऐसे हालात जब गैंगस्टर को घेर लिया गया हो, उसे आत्मसमर्पण करने के लिए कहा जा रहा हो, लेकिन अपराधी पुलिस पर हमलाकर भागने की कोशिश करे, और बदले में पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई में उसकी गोली लगने से मौत हो जाए। इसे एनकाउंटर नाम दिया गया।
कब हुआ था पहला एनकाउंटर, आगे पढ़ें
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मान्या सुर्वे (फाइल फोटो)
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देश के इतिहास में दर्ज पहला एनकाउंटर 11 जनवरी 1982 को किया गया था।
मुंबई पुलिस के दो अधिकारी, राजा तांबट और इशाक बागवान ने कुख्यात अपराधी मान्या सुर्वे को मुंबई के वडाला में गोली मारी थी।
मुंबई के साथ-साथ देश के इतिहास में आधिकारिक तौर पर दर्ज यह पहला एनकाउंटर था।
फिल्म शूटआउट एट वडाला में मान्या सुर्वे की भूमिका में जॉन अब्राहम
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मान्या सुर्वे का पूरा नाम था मनोहर अर्जुन सुर्वे। वह एक गैंगस्टर था।
मान्या ने मुंबई के कीर्ति कॉलेज से स्नातक (BA) की पढ़ाई की थी। फिर उसे हत्या के एक मामले में सजा हुई। उसे पुणे के यरवदा जेल में रखा गया था। कहते हैं कि जिस हत्या के मामले में मान्या को सजा हुई थी, वह उसने की ही नहीं थी।
हालांकि जेल से छूटने के बाद दो साल के अंदर ही मान्या ने अंडरवर्ल्ड तक अपनी पहुंच बना ली। अपने कई दोस्तों को भी अपनी गैंग में शामिल कर लिया। इसके बाद कई हत्याओं को अंजाम दिया।