किसान पराली का उपयोग छप्पर बनाने या मवेशियों का बिस्तर बनाने में कर सकते हैं। एक विकल्प बिजली पैदा करने के लिए पराली से बायोमास पैदा करना है। इसी तरह भूसे का उपयोग मशरूम की खेती के काम करने वाले छर्रों को बनाने में किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए सरकार को प्रयास करने होंगे। एक रिपोर्ट के अनुसार, पराली को अगर बहुत दिनों तक जमीन पर ही छोड़ दिया जाए तो मिट्टी में सूक्ष्मजैविकों की रासायनिक अभिक्रिया बढ़ सकती है और मिट्टी उपजाऊ हो सकती है, लेकिन इसमें समय अधिक लगता है। इस कारण किसान जल्दबाजी में पराली को जलाना उचित समझते हैं। ऐसे में सरकार को चाहिए कि तकनीक के जरिए ऐसे उत्पादों का निर्माण कराया जाए, जिनसे पराली जल्दी गल जाए और किसानों को उनके उपयोग के लिए प्रेरित करें।