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सिंघु बॉर्डरः जहां आम लोगों के जाने पर भी है पुलिस का पहरा, वहां किसानों पर पत्थर बरसाने कैसे पहुंचे विरोधी

Sat, 30 Jan 2021 11:05 AM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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सिंघु बॉर्डर पर स्थानीय लोगों ने किसानों पर की पत्थरबाजी - फोटो : शुभम बंसल
सिंघु बॉर्डर पर शुक्रवार दोपहर स्थानीय लोगों और किसान के बीच झड़प हो गई। दोनों तरफ से हुए पथराव में करीब 12 लोग घायल हो गए। इसमें दो एसएचओ समेत पांच पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़कर दोनों पक्षों को खदेड़ दिया। इसी बीच किसानों की ओर से स्थानीय लोगों पर हमला करने के लिए एक युवक तलवार लेकर पहुंचा। देखें तस्वीरें...
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किसानों और स्थानीय लोगों में हिंसक झड़प की तस्वीर - फोटो : शुभम बंसल
अलीपुर थाना प्रभारी ने इसको पकड़ने की कोशिश की। युवक ने पलटकर थाना प्रभारी पर तलवार से हमला कर दिया। तलवार उनके हाथ और अंगूठे पर लगा, जिससे वह घायल हो गये। वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने हमलावर को दबोच कर उसकी पिटाई कर दी और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।
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किसानों और स्थानीय लोगों में हिंसक झड़प की तस्वीर - फोटो : शुभम बंसल
उधर दोनों थाना प्रभारी समेत घायल हुए दर्जन भर लोगों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 26 जनवरी को लालकिला के प्राचीर पर तिरंगा की जगह पर दूसरा झंडा लगाए जाने के विरोध में लोग आक्रोषित हैं और लोग तिरंगा के सम्मान में यात्रा निकाल रहे हैं।

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किसानों और स्थानीय लोगों में हिंसक झड़प की तस्वीर - फोटो : शुभम बंसल
शुक्रवार दोपहर सिंघु बॉर्डर के आस पास रहने वाले करीब पचास से ज्यादा लोग तिरंगा सम्मान यात्रा निकालकर सिंघु बॉर्डर पहुंचे। जहां उन्होंने बॉर्डर पर मौजूद किसानों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसी दौरान किसी ने किसानों की टेंट की तरफ पथराव कर दिया। जवाब में किसानों की ओर से भी पथराव किया गया। देखते ही देखते दोनों तरफ से पथराव होने लगा।
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किसानों और स्थानीय लोगों में हिंसक झड़प की तस्वीर - फोटो : शुभम बंसल
पुलिस ने बीच बचाव करने की कोशिश की। इस दौरान नरेला के थाना प्रभारी विनय कुमार व अन्य पुलिसकर्मियों सहित दोनों पक्षों से दर्जन भर लोग घायल हो गये। जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। भीड़ पर काबू पाने के लिए पुलिस ने चार पांच आंसू गैस के गोले छोड़कर उपद्रव कर रहे भीड़ को नियंत्रित किया और फिर बेरीकेड कर दोनों पक्षों को अलग किया।
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किसानों और स्थानीय लोगों में हिंसक झड़प की तस्वीर - फोटो : शुभम बंसल
इसी बीच किसान की ओर से एक युवक तलवार लेकर तिरंगा सम्मान यात्रा निकाल रहे लोगों की ओर बढ़ने की कोशिश की। जिसे देखकर अलीपुर थाना के प्रभारी प्रदीप पालीवाल ने उसे पीछे से पकड़ने की कोशिश की, लेकिन युवक ने पलटकर प्रदीप पालीवाल पर तलवार से हमला कर दिया।
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किसानों और स्थानीय लोगों में हिंसक झड़प की तस्वीर - फोटो : शुभम बंसल
तलवार उनके हाथ और अंगूठे पर लगा। वहां मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों ने युवक को कब्जे में कर उसकी पिटाई करने के बाद उसे हिरासत में ले लिया। पुलिस आरोपी से लगातार पूछताछ कर रही है। सिंघु बॉर्डर पर हालात नियंत्रण में हैं।

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किसानों और स्थानीय लोगों में हिंसक झड़प की तस्वीर - फोटो : शुभम बंसल
मनीष सिसोदिया ने गाजीपुर व सत्येंद्र जैन ने सिंघु बॉर्डर का किया दौरा, मदद का भरोसा 
ट्रैक्टर रैली में फैली हिंसा के बाद किसान आंदोलनकारियों व दिल्ली पुलिस में चल रही तनातनी के बीच दिल्ली सरकार के मंत्री मनीष सिसोदिया गाजीपुर बॉर्डर व सत्येंद्र जैन सिंघु बॉर्डर पहुंचे। किसानों के आंदोलन से रजामंदी दिखाते हुए दोनों मंत्रियों ने आंदोलन स्थल पर दिल्ली सरकार की तरफ से मुहैया कराई गई सुविधाओं का जायजा लिया। किसानों को दिल्ली का अतिथि बताते हुए मंत्रियों ने दावा किया कि पीने के पानी और ट्वालेट की सुविधा मुहैया कराने की जिम्मेदारी दिल्ली सरकार की बनती है। सरकार इस मामले में पीछे नहीं हटेगी।

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किसानों और स्थानीय लोगों में हिंसक झड़प की तस्वीर - फोटो : शुभम बंसल
मनीष सिसोदिया ने कहा कि किसान अन्न उपजा कर देश का पेट भरता है, उसे गद्दार और हिंसक कहना दुर्भाग्यपूर्ण है। देश के लिए मर-मिटने वाले सिख समाज को अपने पूंजीपति साथियों के दबाव में आकर केंद्र सरकार में बैठे लोग गद्दार कह रहे हैं।

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किसानों और स्थानीय लोगों में हिंसक झड़प की तस्वीर - फोटो : शुभम बंसल
उन्होंने कहा कि 26 जनवरी को हुई हिंसा की जांच होनी चाहिए और असल गुनाहगारों पर कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही, हिंसा करने वालों का केंद्र की बीजेपी सरकार के साथ संबंधों की भी जांच होनी चाहिए। 

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किसानों और स्थानीय लोगों में हिंसक झड़प की तस्वीर - फोटो : शुभम बंसल
मनीष सिसोदिया ने अफसोस जाहिर करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने आंदोलन स्थल पर किसानों की बिजली व पानी की व्यवस्था बंद कर दी है। उन्होंने किसान नेता राकेश टिकैत से मुलाकात कर हर संभव मदद का भरोसा दिया।

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किसानों और स्थानीय लोगों में हिंसक झड़प की तस्वीर - फोटो : शुभम बंसल
उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों को पेयजल व अन्य बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित की है।

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किसानों और स्थानीय लोगों में हिंसक झड़प की तस्वीर - फोटो : शुभम बंसल
दूसरी तरफ दिल्ली जल बोर्ड उपाध्यक्ष राघव चड्ढा के साथ सिंघु बॉर्डर पहुंचे सत्येंद्र जैन ने कहा कि दिल्ली सरकार द्वारा भेजे गए पानी के टैंकर को पुलिस ने किसानों तक पहुंचने नहीं दिया। किसान दिल्ली के अतिथि हैं।
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किसानों और स्थानीय लोगों में हिंसक झड़प की तस्वीर - फोटो : शुभम बंसल
यह हमारी जिम्मेदारी बनती है कि हम उनको पीने का पानी और टॉयलेट जैसी बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराएं और वह दिल्ली सरकार मुहैया कराएगी।
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