जम्मू-कश्मीर के अलगाववादी नेता यासीन मलिक को टेरर फंडिंग मामले में दिल्ली स्थित एनआईए कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। अलगाववादी संगठन जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) का अगुआ यासीन मलिक साल 2017 में आतंकी बुरहान वानी की मौत के बाद बढ़ीं आतंकी घटनाओं के बाद गिरफ्तार कर लिया गया था। उसकी पत्नी मुशाल हुसैन मलिक ने कहा कि इससे आजादी के लिए उसकी लड़ाई कमजोर नहीं पड़ेगी। वह इसे अपनी अंतिम सांस तक जारी रखेगी। उसे रिहा करने के लिए उसकी पत्नी मुशाल हुसैन मलिक ने सोशल मीडिया के साथ-साथ जमीनी स्तर पर अभियान भी चलाया हुआ था।
यासीन मलिक की सजा पर पत्नी मुशाल हुसैन मलिक ने कहा, ''वे (कोर्ट) जो चाहें वह फैसला सुना सकते हैं। यह हमें हमारी आजादी के लिए लड़ने से नहीं रोक सकती। मैं अपनी आखिरी सांस तक यह संघर्ष जारी रखूंगी और उसके बाद मेरी बेटी यह संघर्ष जारी करेगी। और अपने अधिकार मिलने तक हमारी पीढ़ियां यह लड़ाई करती रहेंगीं।''
श्रीनगर के मैसुमा निवासी यासीन मलिक ने 22 फरवरी, 2009 को न्यूड पेंटिंग बनाने वाली एक पाकिस्तानी युवती मुशाल हुसैन मलिक से निकाह किया था। इसके बाद वह उसे भारत ले आया था। तब कई दिनों वह सुर्खियों में छाया रहा।