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दर्द: पहले टिकट बुक होता तो जिंदा बच जाता परिवार, मजबूरी में करना पड़ा था ये काम, रबीना बोली- अब तो सब खत्म हो गया..

Sun, 13 Mar 2022 09:30 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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Fire In Delhi - फोटो : अमर उजाला
उत्तर-पूर्वी दिल्ली के गोकुलपुरी इलाके में मेट्रो लाइन के नीचे बनी झुग्गी बस्ती में शुक्रवार देर रात भीषण आग लग गई। हादसे में पांच नाबालिगों समेत सात लोगों की जान चली गई। सूचना मिलते ही पुलिस के अलावा दमकल की 13 गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। तीन घंटे बाद किसी तरह आग पर काबू पाया गया, तो दो झुग्गियों से सात शव, बुरी तरह जले हुए बरामद हुए। मरने वालों में एक ही परिवार के पांच लोगों के अलावा दो नाबालिग भाई-बहन भी शामिल हैं। हादसे में 33 झुग्गियां जलकर खाक हो गई। घटना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर गहरी संवेदना प्रकट की। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर इस पर अफसोस जताया। दोपहर को सीएम खुद घटना स्थल पर पहुंचे और हताहत हुए लोगों के परिजनों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने मरने वाले नाबालिगों के परिजनों को पांच-पांच लाख व बड़े लोगों के परिवारों को 10-10 रुपये मुआवजा देने का एलान किया।
 
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Fire In Delhi - फोटो : अमर उजाला
गांव जाने के लिए यदि दो दिन पहले की टिकट होती आज मेरा भाई, बहन, भाभी और भतीजा जिंदा होता। लेकिन, अनहोनी ने मेरे परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया। मेरे अपने चले गए, मुझे छोड़ गए...मुझे भी अब जीकर क्या करना है। गोकलपुरी आग की घटना में अपने परिवार को खोने वाली रज्जन की दोनों बेटियां रबीना और संगीता यह कहते हुए बार-बार बेहोश हो रही हैं। उनको अपने परिवार के खोने का मलाल था।
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Fire In Delhi - फोटो : अमर उजाला
मृतकों के परिजनों ने बताया कि होली को लेकर घर में तैयारियां चल रही थीं। परिवार का मन इस बार की होली उन्नाव स्थित फाजिलपुर गांव में जाकर ही मनाने को लेकर था। इसे लेकर सप्ताह भर से भाई-बहन अपने बच्चों और माता-पिता के लिए कपड़े समेत अन्य चीजों की खरीदारी भी कर रहे थे। 

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Fire In Delhi - फोटो : अमर उजाला
रोज गांव में रहने वाले अन्य परिजनों से जल्द ही पहुंचने को लेकर चर्चा भी होती थी। त्योहार को लेकर घर में खुशियों को माहौल था, लेकिन एक आग ने सभी की खुशियों को जलाकर राख कर दिया। किसी को नही पता था कि यह रात पूरे परिवार के लिए काली रात साबित होगी और एक ही रात में पूरा परिवार उजड़ जाएगा।
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Fire In Delhi - फोटो : अमर उजाला
रज्जन के परिवार में पत्नी मुन्नी देवी के अलावा तीन बेटे बबलू, सुजीत और रंजीत और चार बेटियां रीमा, रबीना, संगीता और रेशमा थे। रज्जन कभी-कभार छोटा-मोटा काम कर लेता था। वहीं बबलू छोटा-मोटा करता था। रंजीत 11वीं कक्षा का छात्र था। 
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Fire In Delhi - फोटो : अमर उजाला
वहीं रेशमा ने नौंवी कक्षा पास करके पढ़ाई छोड़ दी थी। पांच-छह माह पूर्व सुजीत ने प्रियंका से प्रेम विवाह हुआ था। फिलहाल प्रियंका चार माह की गर्भवती थी। अब परिवार के एक साथ पांच लोगों की मौत से पूरा का पूरा परिवार बुरी तरह टूट गया है।
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मृतक बबलू का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
मजबूरी में करानी पड़ी थी रविवार की टिकट 
परिजनों ने बताया कि गांव में बबलू की पत्नी नीलम और एक बेटा अंकुश है। बबलू प्रतिदिन कभी वीडियो कॉल तो कभी फोन कॉल के माध्यम से अपने परिवार का हाल लेता था और अक्सर जल्द से जल्द उनके पास पहुंचने की बात करता रहता था। परिजनों का कहना है कि नीलम की तबीयत ठीक नहीं रहती थी। 

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Fire In Delhi - फोटो : अमर उजाला
यही वजह थी कि गांव पहुंचने के लिए बबलू जल्द से जल्द टिकट कराना चाहता था। लेकिन, नियती को कुछ और ही मंजूर था। ऐसे में मजबूरी में बबलू को रविवार का दिन चुनना पड़ा था। गांव जाने के लिए बबूल ने अपने सभी छह भाई-बहनों, बेटे और माता-पिता की टिकट बुक करा दी थी। 
 
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fire in gokalpuri delhi - फोटो : अमर उजाला
बबलू के सिर थी अधिक जिम्मेदारी
बबलू की बहन रबीना ने बताया कि परिवार में माता-पिता के बाद बबलू सबसे बड़ा था। ऐसे में सभी भाई-बहन बड़े भाई का कहना ही माना करते थे। वहीं, बबलू भी बड़े होने की जिम्मेदारी खूब निभाता था। परिवार में छोटे भाई-बहन की जिद पूरी करना हो या फिर बड़ो का समझाना, यह सभी काम बबलू करता था। यही वजह थी कि छोटे भाई-बहनों के बाद भी परिवार में बबलू सभी का चहेता था।   
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