एक-दूसरे की जान के दुश्मन जितेन्द्र गोगी और टिल्लू ताजपुरिया कभी जिगरी दोस्त हुआ था करते थे। इनके बीच जब रंजिश पैदा हुई तो ऐसी की दोनों एक दूसरे को खत्म करने पर अमादा हो गए। जब भी इनको मौका लगता था एक-दूसरे पर हमला कर देते थे। इन दोनों ही गिरोह के बीच कई बार गैंगवार हो चुकी है। इन गैंगवार में एक दर्जन से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार रंजिश और वर्चस्व की लड़ाई की यह कहानी कुछ वर्ष पहले शुरू हुई थी. बाहरी दिल्ली के ताजपुर का रहने वाला सुनील मान ताजपुरिया उर्फ टिल्लू और नजदीकी गांव अलीपुर का रहने वाला जितेंद्र गोगी कुछ ही साल पहले तक गहरे दोस्त हुआ करते थे। दोनों ही दबंग थे और वसूली व गुंडागर्दी के धंधे में थे इसलिए कहीं न कहीं आपसी हितों का टकराव होता था। फिर भी दोस्ती थी, लेकिन 2013 में छात्रसंघ के चुनावों के दौरान ये याराना दुश्मनी में तब्दील हुआ।
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रोहिणी कोर्ट में शूटआउट
- फोटो : अमर उजाला
इस साल दिल्ली यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ चुनावों के दौरान गोगी और उसके गैंग ने दो नौजवानों संदीप और रविंदर की गोली मारकर हत्या कर दी। संदीप और रविंदर टिल्लू के साथी और करीबी थी। बस यहीं से टिल्लू गैंग और गोगी गैंग के बीच दुश्मनी हुई और दोनों एक दूसरे के जानी दुश्मन बन गए।
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कोर्ट में शूटआउट
- फोटो : अमर उजाला
2014 में एक नयी खिचड़ी पकना शुरू हुई, पवन एक दबंग आदमी था और इस धंधे के लोग उसका नाम जानते थे। पवन के भाई दीपक की मुलाकात गोगी की रिश्ते की एक बहन से हुई थी और दोनों के बीच गहरा रिश्ता बन रहा था।
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Delhi Rohini court shootout
- फोटो : अमर उजाला
गोगी को पता चला कि दीपक और उसकी बहन के बीच कुछ चक्कर है तो उसने दीपक को धमकियां भेजीं लेकिन पवन का भाई होने के कारण दीपक ने परवाह नहीं की और मुलाकातें जारी रखीं।
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Delhi Rohini court shootout
- फोटो : अमर उजाला
2015 की शुरुआत में दीपक और गोगी की बहन के बीच बात इतनी आगे बढ़ चुकी थी कि अक्सर दीपक खुद को गोगी का जीजा तक कह देता था। जनवरी,2015 में यह बात गोगी को पता चली तो वह आगबबूला हो गया और उसने दीपक का काम तमाम करने की योजना बनाई।
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जितेंद्र गोगी की फाइल फोटो और मृत पड़ा गोगी
- फोटो : अमर उजाला
कुलदीप, टुंडा और जैली के साथ मिलकर गोगी ने एक दिन दीपक को सरेआम गोली मार दी। इस कत्ल को ऑनर किलिंग कहा गया लेकिन यह एक और वजह बनी टिल्लू और गोगी के बीच दुश्मनी की। गोगी से बदला लेने के लिए पवन ने टिल्लू से हाथ मिला लिया।
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मृत पड़ा जितेंद्र गोगी
- फोटो : अमर उजाला
दोनों गैंग के बीच पहले भी रोहिणी कोर्ट के बाहर गैंगवार चुकी है
दोनों गैंग के बीच पहले भी रोहिणी कोर्ट में गैंगवार हो चुकी है। गोगी गैंग ने टिल्लू के साथी राजू चोर की भी 21 जनवरी 2015 को हत्या कर दी। इसे बाद टिल्लू गैंग ने जाल बिछाया और घात लगाकर एक महीने बाद यानी 23 फरवरी को गोगी के करीबी साथी अरुण कमांडो की हत्या कर दी, जिसमें उसका साथी मंजीत भी मारा गया। टिल्लू का बदला अभी पूरा नहीं हुआ था, सोनीपत में गोगी गैंग से जुड़ा हुआ था निरंजन मास्टर। टिल्लू ने अपने साथियों को फिर जाल बिछाने को कहा और सोनीपत में निरंजन को मौत के घाट उतार दिया।
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जितेंद्र गोगी को मारने आया एक बदमाश ढेह
- फोटो : अमर उजाला
गोगी ने जवाब देते हुए टिल्लू के बेहद खास साथी विकास आलू के भाई सुमित को मार डाला। सुमित को अलीपुर में मारने के बाद टिल्लू से जुड़े देवेंद्र प्रधान को भी गोगी ने मारा। इसके बदले में टिल्लू गैंग ने बकौली के अंकित की जान ले ली जो गोगी गैंग में शामिल था। इसी रंजिश के बीच, अक्तूबर 2017 में गोगी ने गैंग के साथी दिनेश कराला की मदद से गायिका हर्षिता दहिया को भी मरवाया जो हत्या के एक मामले में गवाह थी। दिनेश रिश्ते में हर्षिता का जीजा भी था।
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कोर्ट रूम में गोलीबारी के दौरान की तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला वीडियो ग्रैब
साल 2017 में ही गोगी को पता चला कि पवन और उसका भांजा मुकुल दोनों टिल्लू गैंग के करीबी बन गए है। इस चक्कर में वर्ष 2017 में करीब 4 लोगों की हत्या हुई। 2018 में आपसी रंजिश और वर्चस्व की लड़ाई इस साल पूरे शबाब पर आ गई थी। जनवरी में दिल्ली के प्रशांत विहार इलाके में भीड़ की मौजूदगी में गोगी ने टिल्लू गैंग पर हमला किया।
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jitendra gogi murder
- फोटो : अमर उजाला
टिल्लू के खास साथी रवि भारद्वाज को सरेआम गोलियों से भून दिया गया। इस गैंग वॉर से अब दिल्ली और आसपास के इलाकों में दहशत फैल चुकी थी। इधर, टिल्लू इस हमले का जवाब देने की फिराक में था और उसे मौका मिल गया। टिल्लू इस बार जवाब पूरी दबंगई से उसी तर्ज में देना चाहता था।
कोर्ट में मृत पड़ा जीतेंद्र गोगी और दोनों बदमाश (बाएं से दाएं)
- फोटो : अमर उजाला
रोहिणी कोर्ट के बाहर सरेआम टिल्लू गैंग ने गोगी के साथी मोनू नेपाली को मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद टिल्लू गैंग ने तीस हजारी कोर्ट के भीतर गोगी के एक और साथी दिनेश कराला को गोलियों से भूनकर यह साबित करने की कोशिश की कि गोगी जिस तरह खुलेआम कत्ल करवा सकता है वह भी करवा सकता है।