रोहिणी कोर्ट में शुक्रवार को बदमाशों ने दिल्ली के टॉप मोस्ट बदमाश जितेंद्र उर्फ गोगी की हत्या कर दी। शुरूआती जांच के बाद ही मामले में सुनील उर्फ टिल्लू ताजपुरिया का नाम सामने आया। हत्याकांड की जांच का जिम्मा क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया। शनिवार को पुलिस उपायुक्त के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच की टीम जांच के लिए रोहिणी कोर्ट पहुंची। इस दौरान क्राइम व एफएसएल की टीमें भी मौजूद रही। पुलिस सूत्रों के मुताबिक अभी तक की जांच में टिल्लू के अलावा बागपत के बदमाश सुनील राठी और नवीन बाली के नाम भी सामने आ रहे हैं। माना जा रहा है कि जेल में रहने के बावजूद जितेंद्र गोगी की ताकत बढ़ती ही जा रही थी। इसलिए उसको रास्ते से हटाना जरूरी था। इसलिए टिल्लू ने सुनील राठी व नवीन के साथ मिलकर साजिश रची। छानबीन के दौरान पुलिस के हाथ कुछ अहम सीसीटीवी फुटेज मिले हैं। इसके आधार पर माना जा रहा है कि बदमाशों ने रैकी करने के बाद ही वारदात को अंजाम दिया।
विज्ञापन
2 of 6
jitendra gogi murder
- फोटो : अमर उजाला
रोहिणी कोर्ट से कुछ दूर फ्लैट में रुके थे आरोपी
शुरूआती जांच के बाद पुलिस को पता चला है कि वारदात को अंजाम देने से पूर्व बदमाश रोहिणी कोर्ट से तीन किलोमीटर दूर एक फ्लैट में रुके थे। फ्लैट किसका है और यहां कौन-कौन रुका हुआ था, इसका पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
विज्ञापन
3 of 6
कोर्ट में मृत पड़ा जीतेंद्र गोगी और दोनों बदमाश (बाएं से दाएं)
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से जांच में जुटी है। सूत्रों का कहना है कि कई दिन बदमाश यहां रुके। इसके बाद वारदात को अंजाम देने की योजना बनाई। बदमाशों को हथियार भी यहीं मुहैया करवाए गए। इसके बाद बदमाश कार से कोर्ट पहुंचे और वारदात को अंजाम दिया।
सभी अदालतों की सुरक्षा-व्यवस्था का रिव्यू कराया जा रहा है, अदालतों की सुरक्षा को लेकर वहां के पदाधिकारियों से भी बातचीत की रही है। राकेश अस्थाना, दिल्ली पुलिस आयुक्त
विज्ञापन
5 of 6
जितेंद्र गोगी की फाइल फोटो और मृत पड़ा गोगी
- फोटो : अमर उजाला
जितेंद्र गोगी के गैंग में 200 से ज्यादा लड़के व शूटर मौजूद
दिल्ली पुलिस सूत्रों का कहना है कि पिछले एक दशक के दौरान जितेंद्र गोगी ने अपनी ताकत को बहुत बढ़ा लिया था। जबरन वसूली, हत्या, हत्या के प्रयास, लूटपाट जैसी वारदात को अंजाम देने के लिए उसके गुर्गे हमेशा तैयार रहते थे।
सूत्रों का कहना है कि फिलहाल वह दिल्ली, हरियाणा समेत आसपास के बाकी राज्यों में अपने गैंग की कमान संभाल रहा था। फिलहाल इसके गैंग में 200 से अधिक लड़के काम कर रहे हैं। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, यूपी और राजस्थान जैसे राज्यों में चल रहे क्राइम सिंडिकेट में बदमाश अपने गैंग के सदस्यों की हर तरह से मदद करते थे। वर्चस्व कायम करने के लिए यह आपस में भिड़ रहे थे।