फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गोगी के शार्प शूटर की मुठभेड़ में मौत: परिजनों ने एनकाउंटर को बताया फर्जी, कहा- पैसे नहीं देने पर हुई हत्या

Sun, 31 Oct 2021 09:22 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
encounter in delhi - फोटो : अमर उजाला
अमन विहार इलाके में दिल्ली पुलिस के साथ हुए मुठभेड़ में मारे गए गोगी गैंग के शार्प शूटर दीपक उर्फ टाइगर के परिवार वालों ने दिल्ली पुलिस पर फर्जी एनकाउंटर करने का आरोप लगाया है। इससे पहले गोगी मान के फेसबुक ग्रुप पर भी पोस्ट कर मुठभेड़ को फर्जी बताया गया था। परिवार का आरोप है कि पुलिस ने उसे उसके चार सहयोगियों के साथ पहले ही गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन उसे अदालत में पेश नहीं किया गया था। परिवार वालों ने दीपक की सलामती के लिए पुलिस वालों पर दस लाख रुपये की मांग करने का भी आरोप लगाया है। वहीं, जिला पुलिस उपायुक्त प्रणव तायल ने परिवार वालों के लगाए सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उधर, शनिवार को दीपक का पोस्टमार्टम करवाकर पुलिस ने उसका शव परिजनों के हवाले कर दिया। पुलिस ने दावा किया था कि शुक्रवार तड़के अमन विहार इलाके में बेगमपुर थाना पुलिस की जीतेंद्र उर्फ गोगी गैंग के शार्प शूटर पिल्लू खेडा मंडी जींद हरियाणा निवासी दीपक उर्फ टाइगर से मुठभेड़ हो गई थी।
विज्ञापन

2 of 5
मृतक दीपक का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
इस दौरान जवाबी कार्रवाई में गोली लगने से दीपक की मौत हो गई। दीपक केएन काटजू इलाके में टिल्लू गैंग के बदमाश दीपक उर्फ राधे की हत्या में वांछित था। मुठभेड़ में दीपक की मौत के बाद गोगी मान के फेसबुक ग्रुप पर भी एक पोस्ट किया गया, जिसमें दावा किया गया था कि दीपक को उसके सहयोगी सुमित सेठी सहित तीन अन्य बदमाशों के साथ 22 अक्तूबर को बेगमपुर थाना पुलिस ने बरवाला के एक फ्लैट्स से गिरफ्तार किया था। जिसका सीसीटीवी फुटेज भी मौजूद है। 
विज्ञापन

3 of 5
घटनास्थल पर जांच करती दिल्ली पुलिस - फोटो : अमर उजाला
पुलिस ने चार बदमाशों को अदालत में पेश कर दिया। वहीं दीपक को इनसे अलग रखा गया था। बाद में उसका एनकाउंटर कर दिया गया।
शनिवार को मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज में दीपक के शव का पोस्टमार्टम के दौरान वहां पहुंचे उसके बड़े भाई प्रवीण, पिता गंगा स्वरूप और जीजा राजेश ने पुलिस पर दीपक का फर्जी एनकाउंटर में हत्या करने का आरोप लगाया। उन लोगों ने बताया कि दीपक के साथ पकड़े गए लड़कों के परिवार वालों के जरिए ही दीपक की गिरफ्तारी की सूचना उन लोगों को मिली थी।

4 of 5
जांच करती पुलिस की टीम - फोटो : अमर उजाला
उसके बाद उन लोगों ने दिल्ली पुलिस से उसकी गिरफ्तारी के बारे में पूछताछ की, लेकिन पुलिस ने गिरफ्तारी से इनकार किया था।  उसके बाद 25 अक्तूबर को पुलिसकर्मी नीरज राणा उसके घर आया था और कहा था कि अगर दीपक की सलामती चाहते हो तो दस लाख रुपये का इंतजाम करना होगा। पैसे का इंतजाम नहीं होने पर पुलिसकर्मियों ने उसकी हत्या कर दी। परिवार वालों ने बताया कि दीपक वर्ष 2019 के हत्या के मामले में पैरोल पर था और आत्मसमर्पण करने रोहिणी आया था।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
दीपक उर्फ टाइगर के साथ मुठभेड़ में किसी तरह की कोई कोताही नहीं बरती गई है। सभी संस्थागत मानक प्रक्रियाओं का पालन किया गया है। पुलिस दीपक के घर पर उसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश देने गई थी। अपराध सिंडिकेट संगठित अपराध और गैंगवार को बढ़ावा देने के लिए विसंगतियां पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं।
-प्रणव तायल, पुलिस उपायुक्त रोहिणी जिला
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें