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जंतर-मंतर से संसद तक दिनभर बवाल: कहीं खाई लाठियां, कहीं फेंके पत्थर; 20 साल बाद प्रदर्शनकारी भवन तक पहुंच गए

Tue, 21 Jul 2026 08:46 AM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का संसद मार्च के दौरान जंतर-मंतर से संसद तक दिनभर बवाल चला। करीब बीस साल बाद प्रदर्शनकारी संसद भवन तक पहुंच गए। इस दौरान सुरक्षाकर्मियों के हाथ-पांव फूले, हर सड़क पर प्रदर्शनकारी दिखे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के वाहनों में तोड़फोड़ की और पत्थरबाजी भी की। इस पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। साथ ही आंसू गैस के गोले भी दागे।
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Cockroach janta party Protest - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का संसद मार्च सोमवार को दोपहर में संसद भवन तक पहुंच गया। मानसून सत्र के पहले दिन हाई प्रोफाइल सुरक्षा जोन में प्रदर्शनकारियों के पहुंचने से सुरक्षाकर्मियों ने आनन-फानन मुख्य दरवाजे को बंद किया। प्रदर्शनकारियों पर काबू पाने के लिए आंसू गैस छोड़ने के साथ लाठी चार्ज भी करना पड़ा। करीब 20 साल बाद कोई मार्च संसद तक पहुंचने में कामयाब रहा। इसे संसद भवन की सुरक्षा में बड़ी चूक मानी जा रही है।

दिल्ली पुलिस के सारे सुरक्षा इंतजाम सोमवार को तब नाकाम साबित हुए, जब कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का संसद मार्च हकीकत में संसद भवन के पास तक पहुंच गया। कई साल से पुलिस सारे संसद मार्च को संसद मार्ग थाने के पास रोक लेती थी। 
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आंसू गैस के गोले दागता सुरक्षाकर्मी - फोटो : पीटीआई
इससे पहले 2004-05 में समाजवादी पार्टी का संसद मार्च पटेल चौक तक पहुंचा था, तब पुलिस ने लाठीचार्ज किया था। सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए संसद के सामने रेल भवन और कृषि भवन के गोल चक्कर के पास लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले चलाए। 
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आंसू गैस के गोले दागता पुलिसकर्मी - फोटो : पीटीआई
मार्च के नजदीक आने की जानकारी मिलते ही सुरक्षा कर्मियों को दौड़ लगानी पड़ी। इसके बाद संसद का गेट बंद कर दिया। संसद के अंदर सुरक्षा काफी कड़ी की गई है। जवानों ने कई स्तर का सुरक्षा घेरा बना रखा है। संसद भवन के सामने की सड़क पर आंसू गैस के गोले दागे जाने के बाद अफरातफरी के बीच भाग रहे लोगों का वीडियो भी सोशल मीडिया पर चल रहा है। 

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पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले - फोटो : पीटीआई
इस दौरान पुलिस की पूरी कोशिश प्रदर्शनकारियों को सड़क से हटाने की है। संसद भवन का इलाका दोपहर बाद खाली करवा लिया गया। इसके बाद वहां के हालात सामान्य हुए। लेकिन वहां से हटने के बाद प्रदर्शनकारी इससे लगी दूसरी सड़कों पर फैल गए थे। देर शाम तक पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच रस्साकशी चलती रही।
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प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज करती पुलिस - फोटो : पीटीआई
दोपहर 2 बजे हालात और बिगड़े
पुलिस बैरिकेडिंग, नारेबाजी, धक्का-मुक्की और कार्रवाई के बीच जंतर-मंतर से लेकर संसद मार्ग, अशोक रोड, कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में घंटों हंगामा चलता रहा। कई जगह हालात संभालने के लिए पुलिस को लाठी चार्ज करना पड़ा।
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प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज करती पुलिस - फोटो : पीटीआई
करीब दोपहर 2 बजे हालात और बिगड़ गए, जब प्रदर्शनकारियों ने संसद मार्ग पर आगे बढ़ने की एक और कोशिश की। पुलिस ने भीड़ को तितर बितर करने के लिए कार्रवाई शुरू की। चेतावनी के बावजूद जब वह नहीं हटे, तब पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े।
 
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पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले - फोटो : पीटीआई
2:20 पर भगदड़ के हालात बने
आंसू गैस छोड़े जाने के बाद मौके पर अफरा तफरी मच गई। धुएं के कारण कई प्रदर्शनकारी इधर उधर भागने लगे। कुछ स्थानों पर प्रदर्शनकारियों ने पत्थर फेंके और पुलिस के बीच धक्का मुक्की भी देखने को मिली।

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दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान महिला प्रदर्शनकारी को लेकर जाती पुलिस - फोटो : पीटीआई
करीबन 2:20 पर वहां भगदड़ के हालात बन गए। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।

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प्रदर्शनकारियों पर दागे आंसू गैस के गोले - फोटो : पीटीआई
जंतर-मंतर से निकलते ही भीड़ में बदला आंदोलन, न रहा कोई नेता, न कोई निर्देश... सबकी अपनी चली
जंतर-मंतर से निकलते ही संसद मार्च का आंदोलन भीड़ में तब्दील हो गया। इसके बाद इनका न कोई नेता रहा और न ही किसी के निर्देश पहुंचे। सहूलियत के हिसाब से प्रदर्शनकारी आगे बढ़ते रहे। जिसको जिस दिशा में खुला रास्ता में दिखा, वह उसी दिशा में हो गए।

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दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान महिला प्रदर्शनकारियों को लेकर जाने की कोशिश करती पुलिसकर्मी - फोटो : पीटीआई
वहीं, सबसे बड़ा समूह संसद मार्ग की तरफ बढ़ता रहा। भारी भीड़ के बीच यह लोग एक के बाद बैरीकेड लांघते हुए यह संसद भवन की दहलीज तक जा पहुंचे। इस दौरान जगह-जगह पर इनकी पुलिस के साथ झड़प भी हुई।

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दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों पर लाठी मारता करता सुरक्षाकर्मी - फोटो : पीटीआई
जानकारों का मानना है कि पहले से कमजोर संगठनात्मक तैयारी ने अव्यवस्था बढ़ा दी। नेतृत्व के स्तर पर बड़ी संख्या में संसद मार्च के लिए जुटे प्रदर्शनकारियों के बीच तालमेल बिठाने का कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किया था। 

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दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान महिला प्रदर्शनकारियों को लेकर जाने की कोशिश - फोटो : पीटीआई
प्रदर्शन के दौरान हुई झड़प में पचास से ज्यादा पुलिस कर्मी व केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के जवान घायल हुए हैं। वहीं दूसरी तरफ सीजेपी ने भी दावा किया है कि अनेक कार्यकर्ताओं को पुलिस के बल प्रयोग के दौरान गंभीर चोटें लगी हैं।
 

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पुलिस की लाठीचार्ज में घायल प्रदर्शनकारी सड़क पर पड़ा - फोटो : पीटीआई
गूगल का कनेक्शन कटा, भूल भुलैया बनी लुटियन की दिल्ली
इंटरनेट बंद होने का सबसे बड़ा असर उन पुलिसकर्मियों पर पड़ा, जिन्हें सोमवार को कानून व्यवस्था संभालने के लिए नई दिल्ली बुलाया गया था। जंतर-मंतर पर सीजेपी के प्रदर्शन के बीच मंडी हाउस से करोल बाग और मंदिर मार्ग तक मोबाइल इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई।

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प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज करती पुलिस - फोटो : पीटीआई
नतीजा यह हुआ कि दूसरे जिलों से ड्यूटी पर आए कई पुलिसकर्मी गूगल मैप नहीं खोल सके और अपनी तैनाती वाली जगह तक पहुंचने के लिए घंटों भटकते रहे। आखिरकार उन्हें लोगों से रास्ता पूछना पड़ा और कागज पर लिखे दिशा-निर्देश के सहारे ड्यूटी स्थल तक पहुंचना पड़ा।

 

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दिल्ली में संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के वाहनों में की तोड़फोड़ - फोटो : अमर उजाला
ऐसे ही दो पुलिसकर्मियों की ड्यूटी सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत बन रहे एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव के पास लगाई गई थी। उनके पास ड्यूटी रोस्टर था, लेकिन उसमें केवल तैनाती स्थल का नाम लिखा था।

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दिल्ली में संसद मार्च के दौरान पुलिस पर पथराव करते प्रदर्शनकारी - फोटो : अमर उजाला
इंटरनेट बंद होने से वे गूगल मैप नहीं चला सके। गोल मार्केट से पंडित पंत मार्ग तक भटकने के बाद उन्होंने ऑटो चालकों से रास्ता पूछा, लेकिन उन्हें भी इस नई जगह एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव की जानकारी नहीं थी। 

 

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दिल्ली में संसद मार्च के दौरान पुलिस पर पथराव करते प्रदर्शनकारी - फोटो : अमर उजाला
उन्हें इस जगह के पीछे की रोड पर तैनात किया गया था। बाद में कार्यालय के ब्रॉडबैंड इंटरनेट की मदद से उन्हें रास्ता खोजकर बताया गया और कागज पर प्रमुख सड़कें व चौराहे लिखकर दिए गए। दोनों पुलिसकर्मी आपस में कहते रहे कि अगर समय पर नहीं पहुंचे तो अनुपस्थित ही लगा दिया जाएगा।
 

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दिल्ली में संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के वाहनों में की तोड़फोड़ - फोटो : अमर उजाला
प्रदर्शनकारी, बाइक राइडर और ऑनलाइन पेमेंट न होने से बढ़ी परेशानी
दूर-दराज के इलाकों और दूसरे राज्यों से आए प्रदर्शनकारी भी नई दिल्ली की सड़कों पर एक-दूसरे से जंतर मंतर का रास्ता पूछते नजर आए। इंटरनेट बंद होने का सीधा असर एप आधारित टैक्सी और बाइक सेवाओं पर भी पड़ा।

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दिल्ली में संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के वाहनों में की तोड़फोड़ - फोटो : अमर उजाला
नई दिल्ली के दफ्तरों और बाजारों में रोजमर्रा की खरीदारी ज्यादातर ऑनलाइन भुगतान से होती है। इंटरनेट सेवा बंद रहने से दुकानों पर क्यूआर कोड काम नहीं कर पाए।

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दिल्ली में संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के वाहनों में की तोड़फोड़ - फोटो : अमर उजाला
जंतर मंतर पहुंचे कई नेता
प्रदर्शन को समर्थन देने के लिए सपा सांसद डिंपल यादव, आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद, आप नेता मनीष सिसोदिया, संजय सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी भी मौके पर पहुंचे। अभिनेत्री शबाना आजमी समेत कई फिल्मी हस्तियों ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया। इस दौरान अभिजीत दीपके समेत आइसा के छात्रों ने अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी।

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दिल्ली में संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के वाहनों में की तोड़फोड़ - फोटो : अमर उजाला
अभिजीत दीपके का मारपीट का आरोप, पुलिस ने किया खंडन
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि पुलिस कार्रवाई के दौरान उनके साथ अभद्रता की गई। उनके साथ मौजूद गीतांजलि जे. आगमो ने भी पुलिस पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाया। जबकि दिल्ली पुलिस ने इन आरोपों का खंडन किया है।
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दिल्ली में संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने गिराए पुलिस के बैरिकेड - फोटो : अमर उजाला
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त व प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि लोग किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफार्म के माध्यम से अफवाहों, गलत व अपुष्ट जानकारी पर भरोसा न करें। दिल्ली में शांति व व्यवस्था बनाए रखने में वह पुलिस का सहयोग करें।
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