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अंकित गुर्जर हत्याकांड: निर्विरोध प्रधानी के लिए अंकित ने लगवाए थे धमकी भरे पोस्टर, लिखा था-चुनाव लड़ा तो विनोद जैसा होगा हाल

Thu, 05 Aug 2021 12:54 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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अंकित - फोटो : अमर उजाला।
उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के खैला चांदनी गांव के रहने वाले कुख्यात गैंगस्टर अंकित गुर्जर की बुधवार को दिल्ली की तिहाड़ जेल में हत्या कर दी गई। बुधवार सुबह तिहाड़ जेल की बैरक नंबर तीन में अंकित की हत्या हुई। गैंगस्टर की हत्या से तिहाड़ जेल प्रशासन में हड़कंप मचा है। पूर्व प्रधान विनोद की हत्या के मामले में एक लाख के इनामी रहे अंकित को दिल्ली पुलिस ने हरियाणा में मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था।

आपको बता दें कि गांव खैला चांदनी नगर बागपत निवासी अंकित गुगुर्जर (29) अपने गांव में निर्विरोध प्रधानी के चुनाव लड़ना चाहता था। उसने गांव में धमकी भरे पोस्टर लगवाए थे। उसने कहा था कि अगर कोई उसके खिलाफ चुनाव में खड़ा होगा तो उसका भी हाल उसके विरोधी विनोद जैसा होगा। अंकित ने वर्ष 2019 में राजनीतिक विरोधी विनोद की हत्या कर दी थी। 

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने हत्या समेत दस आपराधिक वारदातों में वांछित अंकित को ठीक एक वर्ष पहले झज्जर से मुठभेड़ के बाद साथी अनिल उर्फ मांडवाली संग गिरफ्तार किया था। तभी से वह जेल में था। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने उसे हाल ही में तिहाड़ जेल से ट्रांजिट रिमांड पर लेकर मकोका में गिरफ्तार किया था। दिल्ली पुलिस ने इस पर एक लाख व यूपी पुलिस ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया हुआ था। 
 
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अंकित गुर्जर का फाइल फोटो। - फोटो : amar ujala
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अंकित गुर्जर बहुत ही शातिर अपराधी था। वह वर्ष 2019 में अपने गांव चांदी नगर से प्रधानी के चुनाव लड़ना चाहता था। प्रधानी के निर्विरोध चुनाव लड़ने के लिए अंकित ने विरोधी प्रत्याशी विनोद की हत्या कर दी थी। इसके बाद पूरे गांव में धमकी भरे पोस्टर लगवाए थे कि कोई उसके खिलाफ चुनाव में खड़ा हुआ तो उसकी हत्या करवा दी जाएगी।  
 
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अंकित - फोटो : अमर उजाला।
अंकित ने गांव में लगाए पोस्टरों में लिखा था कि मैं अंकित उर्फ बाबा मेरा सभी गांव वासियों से निवेदन है कि मुझे अपने गांव में निर्विरोध प्रधानी चाहिए। अगर निवेदन से भी समझ नहीं आया तो फिर रिजल्ट आपके सामने है। अगर मुझे किसी और के चुनाव में खड़े होने की सूचना मिली तो फिर अंजाम विनोद की तरह होगा। टिकट बांटने के लिए गेट तो क्या बड़े गांव की नहर भी पार नहीं करने दूंगा। इस मामले में यूपी पुलिस ने इस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। 
 

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तिहाड़ जेल - फोटो : amar ujala
इसके बाद चार अगस्त, 2020 में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने उसे झज्जर, हरियाण से गिरफ्तार कर लिया था। एसीपी ललित मोहन नेगी की देखरेख में इंस्पेक्टर सुनील राजैन व रविन्द्र जोशी की टीम ने जब झज्जर में अंकित को चारों तरफ से घेर लिया था, तब उसने पुलिस के ऊपर गोली चला दी थी। ऐसे में स्पेशल सेल की टीम ने इसकी एक्सयूवी गाड़ी के टायरों में गोली मारकर पंचर कर दिए और फिर अंकित को उसके साथी अनिल के साथ गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने इनके पास से दो ऑटोमैटिक पिस्टल और एक एसयूवी गाड़ी बरामद की थी। 
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अंकित - फोटो : अमर उजाला।
डर से दक्षिण दिल्ली के कई गैंगस्टर से हाथ मिला लिया था
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने हत्या के आठ मामलों में शामिल मोस्ट वांटेड गैंगस्टर अंकित गुर्जर ने हाल ही में दक्षिण दिल्ली के गैंगस्टर रोहित चौधरी से हाथ मिला लिया था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार इनके डर से दक्षिणी दिल्ली के कई छोटे गैंगस्टर ने इनसे हाथ मिला लिया था। फिलहाल अगस्त, 2020 में गिरफ्तारी से पहले ये सभी राजस्थान के नीमराणा से गैंग चला रहे थे। 
 
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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला।
स्पेशल सेल को अंकित गुर्जर की मूवमेंट की सूचना मुखबिर से मिली थी। जेल से छूटने के बाद अंकित गुर्जर और रोहित चौधरी ने मिलकर गैंग बनाया था। अंकित गुज्जर और रोहित चौधरी की मुलाकात जेल में हुई थी।  जेल से छूटने के बाद दोनों ने हाथ मिला लिया और चौधरी गुर्जर के नाम से अपना गैंग बना लिया। यह दोनों दक्षिणी दिल्ली में अपनी पैठ बहुत तेजी से बढ़ा रहे थे और इनका मकसद धीरे-धीरे पूरी दिल्ली पर राज करना था।
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अंकित - फोटो : अमर उजाला।
रोहित पर लगे मकोका मामले में गिरफ्तार किया था
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने अंकित को आखिरी बार मकोका में गिरफ्तार किया था। दिल्ली पुलिस ने साकेत इलाके में हुई विरोधी गिरोह प्रिंस तेवतिया गिरोह के सदस्य प्रिंस उर्फ प्रिंस बिहारी की हत्या मामले में रोहित चौधरी व गिरोह के अन्य सदस्यों पर मकोका लगाया था। इस मामले की तफ्तीश दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा को सौंप दी गई थी। अपराध शाखा की टीम इसे ट्रांजिट रिमांड पर जेल से लेकर आई थी और मकोका में गिरफ्तार किया था। इस मामले में इस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। 
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दिल्ली पुलिस
जेल से जमानत मिलते ही अपराधिक वारदातें करने लगा
यूपी पुलिस ने अंकित को वर्ष 2015 में दस से ज्यादा मामलों में गिरफ्तार किया था। वर्ष 2019 में इसे जमानत मिल गई थी। जेल से बाहर आते ही अंकित ने फिर से आपराधिक वारदातें करना शुरू कर दिया था। जेल से बाहर आते ही इसने छह से ज्यादा आपराधिक वारदातों को अंजाम दिया था। इसने चार फरवरी, 2019 को दिल्ली के लक्ष्मी नगर से एक व्यक्ति से जबरन वसूली मांगी थी। मना करने पर इसने पीड़ित पर ताबड़तोड़  फायरिंग कर दी थी। हालांकि पीड़ित बच गया था। इस मामले में दिल्ली पुलिस ने 25 हजार का इनाम घोषित किया था। छह मई, 2019 साकेत में विरोधी गिरोह के सरगना प्रिंस बिहारी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। 

थाना फेज-तीन,गौतमबुद्ध नगर में 19 अप्रैल, 2019 को कॉल सेंटर मालिक का अपहरण कर लिया था और फिरौती की रकम मांगी थी। यूपी पुलिस ने 50 हजार का इनाम घोषित किया था। अपने गांव में 19 जुलाई, 2019 को विरोधी प्रत्याक्षी विनोद की हत्या कर दी थी। वसंतकुंज इलाके में शराब तस्कर से रंगदारी मांगी थी। मना करने पर उस पर गोली चला दी थीं।  28 सितंबर, 2019 को धमकी भरे पोस्टर लगाने पर चांदी नगर थाने में अंकित के खिलाफ आखिरी मामला दर्ज हुआ था। 
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