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जानें क्यों महीनों तक इस घर में दबी रही नेपाली लड़कियों की चीख

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सऊदी राजनयिक के घर में दो नेपाली महिलाओं को बंधक बना रेप मामले के चलते सुर्खियों में आया राष्ट्रीय राजधानी से सटा देश का बड़ा कारोबारी हब गुड़गांव विदेशियों का गढ़ बन रहा है।
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करीब 500 फॉर्च्यून कंपनियों वाले इस शहर में हजारों विदेशी नागरिक नौकरी कर रहे हैं तो हजारों लोग अन्य कार्यों के सिलसिले में विभिन्न कंपनियों में आते-जाते रहते हैं।
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साइबर सिटी के सबसे ज्यादा संख्या में जापान के लोग रहते हैं और विभिन्न जापानी ऑटोमोबाइल और सॉफ्टवेयर कंपनियों में कार्यरत हैं।

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इस ब्रांच से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक जापान के करीब 5000, चीन के 3500, कोरिया के 1700, अमेरिका और इंग्लैंड के 150 से 200 के बीच विदेशी गुड़गांव में हैं।
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सूत्र बताते हैं कि सऊदी अरब का सिर्फ एक नागरिक यहां नौकरी कर रहा था। कैटरोइना सोसायटी में रहने वाले ज्यादातर सऊदी अरब निवासी वहां की एंबेसी से जुड़े बताए गए हैं, जो एफआरओ ब्रांच में रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए बाध्य नहीं हैं।
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यानी उनके यहां रहने की सूचना पुलिस को देना जरूरी नहीं है। इस ब्रांच से जुड़े लोगों का कहना है कि आमतौर पर 150 से 200 विदेशी नागरिक रोजाना रजिस्ट्रेशन करवाने आते हैं।
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इनमें ज्यादातर नौकरीपेशा और विभिन्न अस्पतालों में इलाज करवाने वाले शामिल हैं।

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बताया जा रहा है कि सऊदी अरब के लोगों द्वारा नेपाली लड़कियों को बंधक बनाकर दुष्कर्म जैसा केस गुड़गांव में पहले कभी सामने नहीं आया, जिससे मित्र देश से संबंधों पर कोई प्रभाव पड़े।
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विदेश मंत्रालय के जरिए ही सारी बातचीत की जा रही है। अब दोनों नेपाली लड़कियां अपने देश जाने के लिए आजाद हैं। -नवदीप सिंह विर्क, पुलिस कमिश्नर
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