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उफ्फ ये गर्मी: पहाड़ से लेकर मैदान तक बन रहे गर्मी के रिकॉर्ड, सुबह से ही चल रही लू, रात को भी राहत नहीं

Fri, 08 Apr 2022 10:08 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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धूप से परेशान युवतियां अपने चेहरा ढक कर चलने पर मजबूर - फोटो : अमर उजाला
देश में भीषण गर्मी का दौर चल रहा है। पहाड़ी से लेकर मैदान राज्यों तक दिनभर सूरज की तपिश से लोग परेशान हैं। सुबह से ही लू चलने के बाद रात को भी राहत का अहसास नहीं हो रहा है। गर्म हवाओं व चिलचिलाती धूप ने अप्रैल में नया रिकॉर्ड कायम कर दिया है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक उत्तर-पश्चिमी व मध्य भारत को गर्मी से राहत मिलने की संभावना नहीं है। साथ ही देश के अधिकांश राज्यों में पारा चढ़ेगा और यह 40 से ऊपर ही रहेगा। आइए देखते हैं दिल्ली समेत उत्तर भारत के अन्य राज्यों में शुक्रवार को कितना तापमान रिकॉर्ड किया गया....
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खुद को धूप से बचाती युवतियां - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली में 41.6 डिग्री सेल्सियस के साथ शुक्रवार का दिन बीते 10 वर्षों में सबसे गर्म रहा है। साथ ही यह इस सीजन का सबसे अधिक पारा रहा है। इससे पहले 2012 में 37 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान रहा था। भीषण गर्मी के बीच दिल्ली के अमूमन सभी मानक केंद्रों पर गंभीर स्तर की लू दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए गंभीर स्तर की लू चलने की संभावना जताई है। साथ ही लोगों से बेवजह धूप में निकलने से बचने की सलाह भी दी है। 

मौसम विभाग के मुताबिक, शुक्रवार को अधिकतम तापमान सामान्य से सात अधिक 41.6 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान सामान्य के बराबर 19.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। सुबह से ही सूरज के तेवर तल्ख रहे और दिनभर गर्म हवाओं की वजह से लोग गर्मी को लेकर परेशान रहे। घरों से बाहर निकले लोगों ने सूरज की तपिश से बचने के लिए पेय पदार्थों से लेकर छाव का सहारा लिया। शाम पांच बजे तक भी चिलचिलाती धूप की चुभन महसूस की गई। बीते 24 घंटे में हवा में नमी का स्तर 14 से 67 फीसदी रहा। 
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खुद को धूम पर बचाती युवतियां - फोटो : amar ujala
पश्चिम उत्तर प्रदेश में अभी से आसमान से आग बरसनी शुरु हो गई है। दिन का पारा चढ़ने के साथ-साथ लू के थपेड़ों ने लोगों को घरों से निकलना मुश्किल कर दिया  है। गर्मी के तेवर तल्ख होने से सीजन में पहली बार दिन का तापमान 40.2 डिग्री रिकॉर्ड किया गया है, जो इस सीजन में सबसे अधिक है। अप्रैल के प्रथम सप्ताह में ही तापमान रिकॉर्ड तोड़ रहा है और गर्मी में शहरवासी हलकान हो रहे है। मौसम वेधशाला पर दिन का अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री व न्यूनतम तापमान 18.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

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गर्मी में राहत देने के लिए हाथियों को पानी से नहलाया गया - फोटो : अमर उजाला
सूरज के तीखे तेवरों के साथ ही अब गर्म हवाओं ने भी अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है। सुबह से ही चिलचिलाती धूप शुरू हो जाती है। दो-तीन दिन से अधिकतम तापमान फिर बढ़ने लगा है। शुक्रवार को हरियाणा के हिसार शहर का अधिकतम तापमान 43.2 डिग्री सेल्सियस रहा। पिछले 11 सालों में 8 अप्रैल कभी भी इतना अधिक तापमान नहीं रहा। बुधवार को अधिकतम तापमान 41.0 डिग्री दर्ज किया गया था, लेकिन यह गुरुवार को बढ़कर 41.8 डिग्री पर आ गया।

रात का तापमान 16.0 डिग्री पर बना हुआ है। हालांकि पिछले 6 दिन से अधिकतम तापमान 40 डिग्री से 42 डिग्री के आसपास ही रहा है। केवल तीन अप्रैल को ही 42.2 डिग्री तापमान दर्ज हुआ था। तीखी धूप और लू की वजह से दिन में शहर के पार्कों में सन्नाटा पसरा रहता है। 
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उत्तराखंड के बमराड़ी से लेकर सीमार के जंगलों में भयंकर आग - फोटो : अमर उजाला
उत्तराखंड में कई इलाकों में जंगलों में लगी आग से वातावरण में बढ़ी गर्मी के कारण बर्फ पिघलने और हिमस्खलन का खतरा बढ़ गया है। इस बीच मौसम विभाग ने नौ तारीख से लेकर 12 तारीख तक पर्वतीय जिलों में तापमान के सामान्य से बहुत अधिक रहने की आशंका जताते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। बढ़ते पारे की वजह से फसलों और सब्जियों को भी भारी नुकसान हो सकता है। विभाग ने एडवाइजरी भी जारी की है। 

मौसम विभाग के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक बिक्रम सिंह ने बताया कि नौ, 10, 11 और 12 अप्रैल को उत्तरकाशी, टिहरी, चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, बागेश्वर, नैनीताल और चंपावत में सामान्य से बहुत ज्यादा तापमान रहने का अनुमान है। इस दौरान इन जिलों में कुछ स्थानों पर वनाग्नि की घटनाएं भी बढ़ सकती हैं। फसलों और सब्जियों पर भी गर्मी असर दिखेगा। वहीं उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में उच्च हिमालयी क्षेत्रों (3500 मीटर से ज्यादा) वाले इलाकों में बर्फ पिघलने से हिमस्खलन होने का भी खतरा है। विभाग ने किसानों को तेज धूप से फसल को झुलसने से बचाने के लिए नियमित तौर पर सिंचाई करने के निर्देश दिए हैं। 
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धूप से खुद को बचाती युवतियां - फोटो : अमर उजाला
हिमाचल प्रदेश के पांच जिलों किन्नौर, लाहौल-स्पीति, चंबा और मंडी और कुल्लू के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है। इन क्षेत्रों में 12 अप्रैल को बारिश होने के आसार हैं। प्रदेश भर में 11 अप्रैल तक मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान है। 

शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन ऊना में अधिकतम तापमान 40 डिग्री रिकॉर्ड हुआ। राजधानी शिमला सहित पूरे प्रदेश में शनिवार को धूप खिली। पारा चढ़ने से मैदानी जिलों के साथ पहाड़ी क्षेत्रों में भी पसीने छूट रहे हैं। शनिवार को बिलासपुर में अधिकतम तापमान 37.0, हमीरपुर 36.3, कांगड़ा 35.9, सुंदरनगर 35.4, नाहन 34.8, धर्मशाला 34.0, चंबा 33.9, सोलन 33.5, शिमला 26.0, कल्पा 23.0, डलहौजी 23.8 और केलांग में 17.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। उधर, वीरवार रात को नाहन में न्यूनतम तापमान 21.1, कांगड़ा 17.6, बिलासपुर 17.0, ऊना 16.6, शिमला 16.4, मंडी 14.6, सोलन 13.4, चंबा 13.3, मनाली 9.6, कल्पा में 6.8 और केलांग में 4.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ।
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गर्मी से खुद को बचाती युवतियां - फोटो : अमर उजाला
फरीदाबाद में एक अप्रैल से ही भीषण गर्मी देखने को मिल रही है। शुक्रवार को भी अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं रात में भी लोगों के जमकर पसीने छूट रहे हैं। ऐेसे में मौसम विभाग ने जिले में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। इससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है। इसलिए चिकित्सकों का कहना है कि इस तरह के मौसम में लोग काफी हद तक सावधानी बरतें, नहीं तो वे बीमार पड़ सकते हैं। 

मौसम वैज्ञानिक महेश पहलावत ने बताया कि मौसम शुष्क रहने के कारण तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इस समय बलूचिस्तान और सेंट्रल पाकिस्तान से होकर राजस्थान के रेगिस्तानी क्षेत्रों से गर्म हवाएं चल रही हैं। ऐसे में हवा में नमी की मात्रा न के बराबर है और इससे लोगों को चिलचिलाती धूप का सामना करना पड़ रहा है। 13 अप्रैल तक लोगों को इसी तरह की गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। इसके बाद पश्चिमी विक्षोभ की कुछ हद तक सक्रियता बढ़ सकती है। इससे धूल भरी आंधी आने की संभावना के साथ तापमान में कमी आ सकती है। 
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