हम में से बहुतों के दिल में ऐसी तमन्ना होती है कि हम अपने प्यार का इजहार एफिल टावर पर या प्यार की मिसाल ताज महल पर करें। कई लोग इन जगहों पर जा पातें हैं तो कुछ अपना मन मारकर रह जाते हैं। लेकिन अगर आपको ये दोनों ही चीजें एक जगह पर मिलें तो आप क्या कहेंगे। है न सोने पे सुहागा? जी हां, सिर्फ ताजमहल या एफिल टावर ही नहीं बल्कि दुनिया के सात अजूबे आपको एक ही जगह देखने को मिलेंगे। अगर आप राजधानी दिल्ली में रहते हैं तो फिर आपके लिए ये बात किसी बड़ी खुशी से कम नहीं है। क्योंकि यहां खुला है एक ऐसा पार्क जहां दुनिया के सातों अजूबे एक ही जगह पर मिलेंगे। इससे भी बड़ी खुशी ये है कि आने वाले दिनों में आप यहां अपना प्री-वेडिंग शूट भी करा सकेंगे। देखें तस्वीरें और जानें यहां तक पहुंचने का रास्ता, यहां की एंट्री टिकट और सबकुछ....
विज्ञापन
2 of 9
seven wonders
- फोटो : अमर उजाला
दक्षिणी दिल्ली नगर निगम ने विश्व के सात अजूबों की स्क्रैप से बनाई प्रतिकृतियों से एक अनूठे पार्क को विकसित किया है। वेस्ट टू वंडर पार्क में व्यापक्ता, भव्यता, सुंदरता के साथ-साथ इन प्रतिकृतियों के पुरातन महत्व के कारण दिल्ली की नई पहचान बनेगी। सात एकड़ में कलाकारों के सधे हुए हाथों से तैयार प्रतिकृतियां अपनी खासियत की नायाब दास्तां हैं। सराय काले खां में पार्क के शुभारंभ के मौके पर केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने दक्षिणी निगम के तीन वर्ष के सुखद बदलावों पर दो पुस्तकों का भी लोकार्पण किया। सराय काले खां में तैयार सात अजूबे पार्क में 90 टन कबाड़ से बनाए जा रहे दुनिया के सात अजूबे अब आम जनता के लिए खुल गए हैं। एफिल टावर, पीसा का झूलता मीनार, मिस्त्र का पिरामिड, ताजमहल सहित सभी अजूबे कबाड़ से तैयार किए गए हैं।
विज्ञापन
3 of 9
seven wonders
- फोटो : अमर उजाला
रेहड़ी, झूले, बेयरिंग, रेलिंग, पोल जैसे खराब हो चुके उपकरण और पुराने हो चुके उत्पादों से दुनिया के सात अजूबे तैयार किए गए हैं। खास बात यह है कि दक्षिणी दिल्ली नगर निगम की इस पहल में मैटेलिक स्क्रैप भी उनके ही हैं, जिनकी कीमत कबाड़ की हो चुकी थी। पार्क में प्री वेडिंग शूट की इजाजत पर विचार
आयुक्त डॉ. पुनीत गोयल ने इस मौके पर कहा कि कुछ समय बाद इस पार्क में प्री वेडिंग शूट सहित अन्य समारोहों के आयोजन की अनुमति देने पर विचार किया जा रहा है।
4 of 9
seven wonders
- फोटो : social media
पार्क की खूबियां
-एलईडी लाइट से प्रतिकृतियां होंगी रोशन।
-20 फुट का ताजमहल, 30 फुट के स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी सहित सात अजूबे बनेंगे आकर्षण का केंद्र।
-पार्क में बेहतरीन लैंडस्कैपिंग भी बनाई गई है।
-ओपन जिम, फ्लाईओवर के नीचे सौंदर्यीकरण।
विज्ञापन
5 of 9
seven wonders
- फोटो : अमर उजाला
टिकट
-वयस्कों से 50 रुपये का प्रवेश शुल्क, जबकि 3-12 वर्ष के बच्चों के लिए 25 रुपये का टिकट होगा।
-65 वर्ष के वरिष्ठ नागरिकों के लिए नहीं होगा प्रवेश शुल्क।
-निगम विद्यालय के बच्चों का भी नहीं लगेगा शुल्क।
विज्ञापन
6 of 9
seven wonders
- फोटो : अमर उजाला
पार्क में लगे सोलर ट्री से पैदा होगी बिजली
पार्क में रात के वक्त रोशनी का भी इंतजाम किया गया है। फिलहाल इसकी जांच चल रही है। पार्क में सोलर ट्री भी होंगे, जिससे बिजली पैदा होगी। इस्तेमाल के बाद बची बिजली बीएसईएस को बेची जाएगी। ताकि, इससे भी एमसीडी को कमाई हो सके।
विज्ञापन
7 of 9
seven wonders
- फोटो : अमर उजाला
नजदीक से गुजरने वाली ट्रेनों से देख पाएंगे
कबाड़ के जरिए तैयार सात अजूबे विश्व की धरोहरों की खूबसूरती की दास्तां बयां करती है। यह न्यूनतम खर्च में दिल्ली की खूबसूरती को बढ़ाने के लिए एनडीएमसी का एक बड़ा तोहफा भी है। नजदीक से गुजरने वाली ट्रेनों से भी दिल्ली के इस आकर्षण को देखा जा सकेगा। फिलहाल एनडीएमसी सभी पहलुओं का अध्ययन कर रही है। ताकि, टिकट के दरे सहित अन्य मुद्दों पर निर्णय लिया जा सके।
8 of 9
seven wonders
- फोटो : अमर उजाला
मेटैलिक स्क्रैप से तैयार इस पार्क में सभी दर्शनीय स्थलों को उसी अंदाज में रखा गया है, ताकि इसकी खूबसूरती के साथ इसके महत्व को आसानी से समझा जा सके।
राजनाथ सिंह ने इस पार्क को तैयार करने में जुटे दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के मेयर, कमिश्नर सहित तमाम तकनीकी विशेषज्ञों की टीम की सराहना करते हुए कहा कि बर्बाद चीजों को एक पार्क की शक्ल में पेश किया गया। इससे स्वच्छता अभियान को भी नई रफ्तार मिलेगी। पार्क में ग्रीन एनर्जी, हरियाली के अलावा वर्षों से खराब पड़ी कारें, पोल, कुर्सियां सहित दूसरे स्क्रैप को जीवंत रूप में पेश किया गया, जो तारीफ के काबिल है।