shahnawaz hussain
साल 1986 में शाहनवाज हुसैन अपनी ग्रैजुएशन की पढ़ाई के दौरान डीटीसी की बसों से सफर किया करते थे। रोज की यात्रा में उनकी निगाह एक लड़की पर पड़ी। पहली ही नजर में उन्हें वो जंच गई। शाहनवाज ने अपने एक साक्षात्कार में कहा है कि, 'उनकी आंखें बेहद खूबसूरत हैं, बस मैंने उनकी आंखें देखी और खो गया', बहुत कुछ बोलती हैं उनकी आंखें।'