उज्बेकिस्तान की बैले डांसर शखनोज शुकुरोवा उर्फ शहनाज की मौत के खुलासे राष्ट्रीय राजधानी में देह व्यापार की ओर इशारा कर रहे हैं। मामले में खुलासा हुआ है कि ताशकन्द की 19 वर्षीय महिला को एक अन्य उज्बेक महिला नाज ने देह व्यापार में शामिल होने के लिए बुलाया था।
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सेक्स रैकेट की गिरफ्त में शहर, डांसर की मौत से खुला राज
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यह एक तीसरी महिला मीसा द्वारा चलाया जा रहा था। जिसे मामले के मुख्य आरोपी गगन की पत्नी बताया जा रहा है। दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक शहनाज को एस्कोर्ट से निकालने में 6 लोग शामिल है। जिनमें दो महिलाएं भी हैं।
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बताया जा रहा है कि शहनाज देह व्यापार की ऑपरेटर नाज से 8 हजार यूएस डॉलर चाहती थी। शहनाज इस पैसे को लेकर इस काम से हमेशा के लिए अलग होना चाह रही थी।
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लेकिन जब मीशा और गगन पैसे का मामला शहनाज और नाज के बीच सुलझाने में नाकाम रहे तो नाज के इशारे पर अफगान युवक ने दूसरे व्यक्ति के साथ मिलकर शहनाज उर्फ शुकुरोवा का अपहरण कर लिया। वे शहनाज को दिल्ली से पानीपत लेकर गए और रेप के बाद कार में ही उसकी हत्या कर दी। पुलिस के मुताबिक उसकी लाश को एक खुले मैदान में फेंक दिया गया था।
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पीड़ित की मां ने भी अपनी बेटी और नाज के बीच मनमुटाव की बात स्वीकार की है। 26 सितंबर को ही शहनाज की हत्या हुई थी। इस दिन शहनाज को किए गए किसी भी फोन का कोई जवाब नहीं मिल रहा था।
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हालांकि पुलिस ने कहा कि वह तेजी से काम कर रही है और मामले में दोषी लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या ऐसी घटनाएं रूक पाएंगी। इतना ही नहीं राजधानी में बड़े पैमाने पर देह व्यापार कैसे चल रहा और कैसे इसे चलाया जा रहा है? रेड लाइट एरिया अभी भी मौजूद हैं और लोग यहां खूब आते हैं।
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लेकिन यह निम्न स्तरीय लोगों के लिए हैं। जो लोग इन पर ज्यादा पैसा खर्च करने के लिए तैयार रहते हैं उनके लिए विकल्प अलग हैं। आधुनिक तकनीक खासकर इंटरनेट ने इसे और भी आसान बना दिया है। पुलिस की नजरों से बचकर ग्राहक और मालिक आसानी से बात कर रहे हैं।
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यहां पर निमंत्रण कुछ इस तरह लिखा होता है- "अकेला महसूस कर रहे हैं और लड़कियों के साथ ग्रेटर कैलाश, ओखला, कालकाजी, गोविन्दपुरी, सरीता विहार, जसोला, बदरपुर.... में मस्ती करना चाहते हैं... तो अपना दिन स्वतंत्र एस्कोर्ट के साथ आनंदमय और यादगार बनाने के लिए कॉल करें..।"
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जब आप नंबर डायल करते हैं तो फोन पर कोई व्यक्ति आपकी लोकेशन और बजट पूछता है। इसके बाद वह आपकी जेब के मुताबिक आपको विकल्प देता है। अगर आपकी रूचि है और आप लड़कियों की तस्वीरें देखना चाहते हैं तो आपको व्हाट्स-एप के जरिए तस्वीरें मिल जाती हैं।
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पुलिस अधिकारी के मुताबिक ऑनलाइन देह व्यापार महानगरों में तेजी से बढ़ रहा है। इसमें मुख्य रूप से व्यापारियों और युवा प्रोफेशनल शामिल रहते हैं। दलाल और ग्राहकों के बीच बातचीत के आसान प्लेटफॉर्म ने पुलिस की मुश्किलें बढ़ा दी है। ऐसे में पुलिस ने अब इन वेबसाइटों पर नजर रखना शुरु कर दिया है। लेकिन परिणाम संतोषजनक नजर नहीं आ रहे हैं।
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पुलिस अधिकारी ने बताया कि कई बार ऐसी वेबसाइट को बंद करने के लिए वे इंटरनेट सर्विस प्रदाताओं को लिख चुके हैं। लेकिन एक वेबसाइट बंद होने से दो नई और नजर आने लगती हैं। जिससे मुश्किलें बढ़ जाती हैं। विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) भी राजधानी में देह व्यापार को रोकने के लिए योजनाएं बनाता रहा है। लेकिन वह भी विदेशी लोगों को इसमें शामिल होने से रोकने में नाकाम रहा है।
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हालांकि अधिकारियों ने राजधानी में इस गोरखधंधे को रोकने के लिए एक सूची भी बनाई है और जहां से यह संचालित हो रहा है उन स्थानों को भी चिन्हित किया जा रहा है।
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अधिकारी की मानें तो उनके पास लगातार शिकायतें आती रहती है कि विदेशी खासकर अफगानिस्तान, उज्बेकिस्तान, इंडोनेशिया, थाईलैंड, मॉरिशस और नेपाल से बड़े पैमाने पर ट्यूरिस्ट विजा से भारत आते हैं और काम करने लगते हैं।
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कभी-कभी वे यहां काम करने की अनुमति न होने के बाद भी काम करते रहते हैं। ये देश में ट्रेवल एजेंट्स के जरिए ग्रुप बनाकर प्रवेश करते हैं। वे यहां 6 से 9 महीने तक काम करते हैं और पैसा कमाने के बाद वापस चले जाते हैं।