यूपी की वाराणसी पुलिस ने दिल्ली पुलिस के साथ मैदानगढ़ी गांव में दबिश देकर 18 और नेपाली महिलाओं को मुक्त कराया है। इन नेपाली महिलाओं को मध्य एशियाई देशों में भेजा जाने वाला था। शिवपुरी थाना, वाराणसी पुलिस ने एजेंट व उसकी नेपाली महिला साथी को गिरफ्तार किया है। यूपी पुलिस दोनों को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर मंगलवार रात यूपी रवाना हो गई। मुक्त कराई गई 18 नेपाली महिलाओं को मंडी हाउस स्थित शेल्टर होम में रखा गया है। हालांकि किसी महिला ने किसी तरह का कोई आरोप नहीं लगाया है। न ही किसी महिला ने महरौली थाने में कोई शिकायत दी है।
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दिल्ली से 18 नेपाली महिलाएं मुक्त कराईं
- फोटो : अमर उजाला
दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार वाराणसी, यूपी के शिवपुरी थाने के सीओ अविनाश यादव व एसआई प्रद्युमन त्रिपाठी अन्य पुलिसकर्मियों के साथ सोमवार रात महरौली थाने पहुंचे थे। यूपी पुलिस गिरफ्तार एक आरोपी को साथ लेकर आई थी। करीब एक महीने पहले शिवपुरी थाने में मानव तस्करी का मामला दर्ज हुआ था। पीड़ित एक नेपाली महिला ने आरोप लगाया था कि उसे जबरदस्ती विदेश भेजा रहा है। इस नेपाली महिला की शिकायत पर दबिश देने यूपी पुलिस दिल्ली आई थी।
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नेपाली महिलाओं से मिलीं स्वाति मालीवाल
- फोटो : अमर उजाला
दक्षिण जिले की महरौली पुलिस ने यूपी पुलिस के साथ मिलकर मैदानगढ़ी गांव में दबिश दी और गांव में रहने वाले एजेंट राजन यादव व एक नेपाली महिला बीतिका सुंदरी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने 18 अन्य नेपाली महिलाओं को मुक्त कराया। दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सभी महिला राजन यादव के दो मंजिला मकान में रह रही थीं। पहली मंजिल पर पांच व दूसरी मंजिल पर चार कमरे हैं। राजन यादव गांव में स्थित अपने दूसरे मकान में परिवार के साथ रहता है। आरोप है कि राजन यादव व नेपाली महिला बीतिका सुंदरी के सहयोग से सभी नेपाली महिलाओं को विदेश भेजने वाला था। हालांकि बताया जा रहा है कि इनमें से कुछ नेपाली महिलाएं काम धंधे के लिए पहले भी विदेश भेजी जा चुकी हैं।
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नेपाल के पासपोर्ट बरामद
- फोटो : अमर उजाला
किसी भी महिला ने नहीं लगाया कोई आरोप
दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मुक्त कराई गई 18 महिलाओं में से किसी ने कोई आरोप नहीं लगाया है। महिलाओं का कहना है कि वह अपनी मर्जी से मैदानगढ़ी गांव में रह रही थीं और अपनी मर्जी से विदेश जा रही थीं। 17 महिलाएं शादीशुदा हैं और दो के पति उनके साथ हैं। किसी भी महिला ने पुलिस को कोई शिकायत नहीं दी है। वह अपनी मर्जी से ही नेपाल से भारत आई थीं। पुलिस इन महिलाओं के पासपोर्ट आदि की जांच कर रही है।
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nepali woman
शिकायतकर्ता ने मामला दर्ज कराया था
दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार शिकायतकर्ता नेपाली युवती है और वह अब वापस नेपाल चली गई है। उसकी शिकायत पर ही शिवपुरी थाना, बनारस में मामला दर्ज किया गया था। उसने शिकायत में राजन यादव व नेपाली महिला बीतिका सुंदरी पर जबरदस्ती विदेश भिजवाने का आरोप लगाया था। दिल्ली की महरौली थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है। हालांकि महरौली पुलिस को मंगलवार शाम तक कोई शिकायत नहीं मिली थी।
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काउंसलिंग के बाद बात करने को तैयार हुई लड़कियां
मैदान गढ़ी से मुक्त कराई गई लड़कियों से मिलने के लिए दिल्ली महिला आयोग अध्यक्ष भी शेल्टर होम पहुंची। आयोग अध्यक्ष स्वाति मालीवाल व सदस्या किरण नेगी ने इन लड़कियों से बात करने का प्रयास किया। पहले तो लड़कियों ने बात करने से मना कर दिया। लेकिन काउंसलिंग के बाद वह बात करने के लिए तैयार हुई। आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल के अनुसार, उन्हें नौकरी दिलाने के नाम पर दिल्ली लाया गया था। 16 लड़कियां नेपाल और 2 लड़कियां पश्चिम बंगाल से हैं। मुक्त कराई गई लड़कियों की उम्र 18 से 30 वर्ष के बीच है।
स्वाति मालीवाल के अनुसार यह लड़कियां गरीब परिवारों से हैं और नेपाल के भूकंप प्रभावी क्षेत्रों से हैं और ज्यादातर ने भूकंप में अपने घरवालों को खो दिया है। दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष ने उनको शेल्टर होम भेजने के इंतजाम किए हैं। अब वह इन लड़कियों को वापस भिजवाने के लिए नेपाली दूतावास से बात कर रही हैं। दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष ने कहा दिल्ली मानव तस्करी का अड्डा बन गई है। उन्होंने कहा कई बार गृहमंत्री राजनाथ सिंह से पुलिस की जवाबदेही तय करने के लिए कहा जा चुका है, लेकिन ऐसा नहीं हो पा रहा है। उन्होंने सवाल किया कि ऐसे कौन लोग हैं जिनको लड़कियों के इस अनैतिक व्यापार से फायदा हो रहा है।