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'मोदी जी हिन्दी के अच्छे दिन कब आएंगे'

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सुबह आठ बजे मुखर्जी नगर स्थित बत्तरा सिनेमा से करीब पांच हजार छात्रों ने पैदल रेस कोर्स जाने की ठानी। (फोटो- विवेक निगम व अनिल कुमार/अमर उजाला)
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दोपहर सवा 12 बजे वे सिविल लाइन से होते हुए राजघाट पहुंचे। छात्रों की मांग थी कि उन्हें शांतिपूर्वक कुछ देर यहां बैठने दिया जाए, लेकिन पुलिस के समझाने के बाद वे वहां से जंतर-मंतर की ओर चल पड़े।
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लगभग ढाई बजे पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने के बाहर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बैरिकेड्स लगाकर रोक लिया।

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करीब साढ़े तीन बजे प्रदर्शनकारियों को जानकारी मिली कि चारों मेट्रो स्टेशन के गेट खुल गए हैं।
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देश की सबसे बड़ी परीक्षा में हिन्दी की उपेक्षा किए जाने का आरोप लगाते हुए करीब 5000 छात्र सड़क पर उतरे।
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यूपीएससी के छात्रों ने सी-सैट के विरोध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन पत्र देने के लिए मार्च निकाला।
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मुखर्जी नगर से लगभग पांच हजार छात्र पैदल राजघाट होते हुए जंतर-मंतर स्थित पार्लियामेंट स्ट्रीट पहुंचे।

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लेकिन वहां दिल्ली पुलिस ने छात्रों को रोक लिया।

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हालांकि अभी छात्र अड़े हुए हैं।

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देर शाम मोदी को मांगपत्र देने के लिए छात्र प्रतिनिधिमंडल के रेसकोर्स जाने वाले थे।

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गौरतलब है इस बार यूपीएससी रिजल्ट में हिन्दी पट्टी के छात्रों का रिजल्ट बेहद खराब था।
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सुबह आठ बजे मुखर्जी नगर स्थित बत्तरा सिनेमा से करीब पांच हजार छात्रों ने पैदल रेस कोर्स जाने की ठानी। (फोटो- विवेक निगम व अनिल कुमार/अमर उजाला)
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