akhilesh yadav, jaya bachchan and raja bhaiya
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इस सीट को जीतने के लिए बसपा उम्मीदवार को कुल 10 वोटों की दरकार है। हालांकि संख्या बल न होने की वजह से मायावती ने अखिलेश यादव से इसकी जीत के लिए 10 वोटों की मदद मांगी थी। लेकिन माना जा रहा है कि इन 10 वोटों में से राजा भैया और उनके सहयोगी विनोद सरोज का वोट बसपा को नहीं गया है। क्योंकि राजा भैया और उनके सहयोगी निर्दलीय विधायक हैं। और निर्दलीय विधायकों को एक खास अधिकार होता है।