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उन्नाव केस: भाई ने कहा, 'शव को न जलाएंगे न बहाएंगे, धरती मैया की गोद में दफनाएंगे'

Sat, 07 Dec 2019 02:20 PM IST
पूजा त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता का भाई - फोटो : एएनआई
उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता ने शुक्रवार की रात 11.40 बजे सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ दिया। गुरुवार(5 दिसंबर) सुबह जब वह उन्नाव स्थित अपने घर से स्टेशन के लिए निकली, तब दुष्कर्म के आरोपियों ने उसे जलाकर मारने की कोशिश की थी। वह लगभग 90 फीसदी जल चुकी थी इसलिए उसकी हालक नाजुक हो गई थी। उसे एयरलिफ्ट कर लखनऊ से दिल्ली लाया गया था।




पीड़िता की मौत के बाद अस्पताल में ही अंतिम समय तक उसके साथ रहा भाई अब मीडिया के सामने आया है। उसने पीड़िता की अंतिम इच्छा के साथ ही ये भी बताया कि उसका परिवार पीड़िता का क्रिया-कर्म कैसे करने वाला है....

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पीड़िता का शव उन्नाव ले जाने की हो रही तैयारी - फोटो : एएनआई
उन्नाव पीड़िता की मौत के बाद मिडिया के सामने आए उसके भाई ने दुखी होते हुए कि, मैं अपनी बहन को नहीं बचा पाया। अब मैं सरकार और पुलिस से मांग करता हूं कि मेरी बहन इस दुनिया में नहीं है तो आरोपी को भी मौत मिलनी चाहिए। 
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- फोटो : अमर उजाला
भाई ने बताया कि बहन को हमने वादा किया था कि उसे बचा लेंगे पर नहीं बचा पाए। हम आरोपी को भी सजा दिलवाकर रहेंगे। जब भाई से पीड़िता के अंतिम संस्कार के बारे में पूछा गया तो वह बोले कि अपनी बहन के शव को न गंगा में बहाएंगे, न ही आग के हवाले करेंगे, उसे धरती मैया की गोद में दफनाएंगे।

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घटनास्थल - फोटो : अमर उजाला
ऐसे बिगड़ी तबीयत
सफदरजंग अस्पताल के एचओडी डॉ. शलभ कुमार ने बताया कि रात करीब साढ़े आठ बजे वेंटीलेटर पर हरकत हुई और पीड़िता का ब्लड प्रेशर गिरने लगा। डॉक्टरों ने एक साथ दवाओं की डोज शुरू की साथ ही उसके हाथ पैरों को मलना शुरू किया। इससे रात 9.25 बजे ब्लड प्रेशर थोड़ा ठीक हुआ, लेकिन 11.10 पर फिर से हालत बिगड़ी, आनन फानन में डॉक्टरों की टीम ने उसे दो इंजेक्शन दिए लेकिन 11.30 कार्डियक अटैक आने से उसकी धड़कनोें की गति कम होने लगी और ब्लड प्रेशर भी कम होता गया। इसके बाद 11. 40 मिनट पर पीड़िता को मृत घोषित कर दिया गया।
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परिवारवालों से मिली प्रियंका गांधी वाड्रा - फोटो : ANI

क्या थे पीड़िता के आखिरी शब्द

नब्बे फीसदी जली हुई उन्नाव की रेप पीड़िता की आवाज ढंग से नहीं निकल रही थी। जलने की वजह से उसके गले की श्वांस और आहार नली पूरी तरह से सूज चुकी थीं। दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में जब उन्नाव की जलाई गई रेप पीड़िता बृहस्पतिवार की रात नौ बजे पहुंची तो वह डॉक्टरों से कुछ कहना चाह रही थी। पीड़िता के पास में खड़े अस्पताल के बर्न यूनिट के हेड डॉ. शलभ और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुनील गुप्ता ने बताया कि उसके मुंह से निकली हुई बातें इतनी ही समझ में आ रहीं थी कि वह जानना चाह रही थी कि वह बच जाएगी न।
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unnao rape burning case - फोटो : अमर उजाला
डॉक्टरों ने बताया कि उसने इशारों में और हल्की आवाज में कहा कि वह मरना नहीं चाहती है। उसने यह भी कहा कि उसके साथ ऐसा करने वाला कोई बचे न। थोड़ी बहुत बात करते करते वह पूरी तरह से निढाल हो गई। पीड़िता को तुरंत वेंटीलेटर पर रखा गया क्योंकि नब्बे फीसदी तक जलने से उसके शरीर में बहुत लिक्विड बह चुका था।
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