देश की राजधानी दिल्ली के अलीपुर के बकौली गांव में शुक्रवार को दर्दनाक हादसा हुआ। यहां 15 फीट ऊंची दीवार गिर गई। हादसे में पांच मजदूरों की जान चली गई। जबकि आठ मजदूर दीवार के नीचे दबने से घायल हो गए। दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। निर्माणाधीन गोदाम की दीवार के नजदीक नींव खुदाई के दौरान यह हादसा हुआ। हादसे की सूचना मिलते ही अफरातफरी मच गई। फिलहाल पुलिस ने जमीन मालिक और ठेकेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, बकौली गांव में चौहान धर्मकांटा के पास एक गोदाम बन रहा है। गोदाम की 100 फीट लंबी और 15 फीट ऊंची दीवार का निर्माण हो चुका था। इसी के बराबर में शुक्रवार को दूसरा गोदाम बनाने के लिए जेसीबी से नींव की खुदाई हो रही थी। यहां करीब 20 मजदूर काम में जुटे थे। दोपहर करीब 12.30 बजे अचानक दीवार गिर गई। मलबे में कई मजदूर दब गए।
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विलाप करते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
बकौली गांव में गोदाम की दीवार गिरते ही चारों तरफ बचाव के लिए चीख पुकार मच गई और इस हादसे में बाल-बाल बचे मजदूर अपने साथियों को मलबे के नीचे से निकालने में जुट गए, लेकिन वह कामयाब नहीं हुए।
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alipur wall collapse
- फोटो : अमर उजाला
आखिर पुलिस, अग्निशमन विभाग और अन्य विभागों के कर्मियों की सहायता से अपने साथियों को मलबे में से निकालने में सफल हुए। हालांकि तब तक उनके पांच साथियों की मौत हो चुकी थी।
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- फोटो : अमर उजाला
घटना के कुछ ही देर बाद पुलिस व अग्निशमन विभाग के कर्मी आने के बाद यहां बचाव में लगे मजदूरों की हिम्मत बंधी और उन्हें लगने लगा कि अब जल्द ही उनके साथी मलबे से निकाल लिए जाएंगे।
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- फोटो : अमर उजाला
लेकिन जब तक झारखंड के फुलवरिया गांव के प्रमोद, उत्तर प्रदेश के हरदोई के रहने वाले प्रमोद, उत्तर प्रदेश के सीतापुर के गोविंद, उत्तर प्रदेश के बदायूं के ऋषिपाल एवं एक अन्य मजदूर की मौत हो चुकी थी। उनको बेसूद देखकर वहां मौजूद उनके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
झारखंड के फुलवरिया गांव के प्रमोद अपनी पत्नी मीना व बेटी के साथ कुछ दिन पहले ही दिल्ली आया था। उसकी पत्नी भी उसके साथ मजदूरी करती थी। उसकी तरह उत्तर प्रदेश के हरदोई निवासी प्रमोद अपनी पत्नी सीमा व चार बच्चों के साथ एक सप्ताह पहले ही यहां आया था।