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शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन की हत्या की साजिश रचने वाले सलीम को गरीबी लाई दाऊद के करीब, ऐसी है कहानी

Sat, 14 Apr 2018 12:18 PM IST
विकास वत्स/अमर उजाला, बुलंदशहर
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salim d company member - फोटो : अमर उजाला
बुलंदशहर के ऊपरकोट क्षेत्र में टेलर मास्टर अकील का छोटा बेटा सलीम, अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का गुर्गा निकलेगा, किसी ने सोचा भी न था। पारिवारिक परिस्थितियों को जानने पर लगता है कि सलीम को दाऊद से जोड़ने में उसकी गरीबी मुख्य रही। लोगों में भी चर्चा है कि गरीबी को दूर करने के लिए उसने दाऊद का हाथ थामा होगा।
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salim d company member - फोटो : अमर उजाला
‘डी कंपनी’ यानी अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम, जिसे दुनिया भारत के नंबर वन अपराधी के नाम से जानती है। उसके साथ किसी का नाम जुड़ना यानी भारत का दुश्मन होना ही माना जाता है। अब जिले में रहने वाला सलीम दाऊद का गुर्गा निकला है। बता दें कि सलीम के पिता अकील ऊपरकोर्ट क्षेत्र के इमामबाड़ा में परिवार के साथ रहते थे। जहां वह टेलर मास्टर थे, कुछ दिनों बाद पहली पत्नी की मौत हो गई जिनसे उनको दो औलादें थीं, छोटा बेटा सलीम था। अकील मास्टर का बड़ा बेटा करीब 20 वर्ष पूर्व सऊदी चला गया था।
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salim d company member - फोटो : अमर उजाला
जबकि, अकील ने पत्नी की मौत के बाद दूसरा निकाह कर लिया। इसके बाद सलीम को अपने पिता के घर से बेदखल होना पड़ा और वह शांतिनगर भूड़ में किराए के मकान में रहने लगा। सलीम की शादी रुखसाना से हुई, जिससे उसको दो बेटी और दो बेटे हैं। परिवार की माली हालत बहुत ही खराब थी। शादी के तीन साल बाद सलीम अपने बड़े भाई के पास सऊदी में नौकरी करने चला गया, जहां उसने बुर्कों में जरी का काम एक कंपनी में शुरू किया।

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salim d company member - फोटो : अमर उजाला
करीब पांच साल तक सऊदी में रहने के बाद वह वापस आ गया। इसके बाद उसने भूड़ क्षेत्र में ही एक दुकान खोली जिसमें उसने मांसाहारी भोजन बेचा। लेकिन, कुछ समय बाद ही उसने यह काम बंद कर दिया और बुलंदशहर की सिकंदराबाद तहसील क्षेत्र में बुर्कों में जरी का काम शुरू कर दिया। लेकिन, काम नहीं चला और करीब तीन वर्ष पूर्व वह एक बार फिर सऊदी चला गया और नौकरी करने लगा।
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salim d company member - फोटो : अमर उजाला
बीते दिसंबर माह में ही वह छुट्टी बिताने के बाद सऊदी लौटा था। इस दौरान दाऊद के गुर्गों से उसका संपर्क हुआ बताया गया है। और मार्च माह में वह सऊदी से वापस लौट आया और दाऊद गैंग से मिले अपने पहले मिशन को पूरा करने में जुट गया। शुक्रवार सुबह जब क्षेत्रीय लोगों को इस बाबत जानकारी हुई तो हर तरफ तरह तरह की चर्चाओं का बाजार गरम रहा। लोगों का मानना था कि हो सकता है अपनी गरीबी को दूर करने के लिए उसने दाऊद गैंग का दामन थामा है।
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salim d company member - फोटो : अमर उजाला
घर से फोन पर सिर्फ रिश्तेदारों से करता था बात
सलीम की पत्नी रुकसार ने बताया कि सलीम पिछले करीब एक माह से घर पर ही मौजूद था। इस दौरान वह घर पर सिर्फ रिश्तेदारों से ही फोन पर संपर्क में रहता था। कुछ दिनों पूर्व ही उसने नया स्मार्टफोन खरीदा था। अन्यथा वह हमेशा सादा फोन ही इस्तेमाल करता था।
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salim d company member - फोटो : अमर उजाला
पत्नी को नहीं पता कौन है दाऊद
मुख्य आरोपी सलीम की पत्नी रुकसार से जब बातचीत की गई तो उसने बताया कि उसके पति को दिलली पुलिस ले गई है, किस मामले में ले गई है यह उसे नहीं पता था। जब उसे दाऊद इब्राहिम गैंग से जुड़े होने की बात बताई गई तो उसने दाऊद इब्राहिम कौन है पूछ लिया।

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salim d company member - फोटो : अमर उजाला
सलीम के शादी से पूर्व का है आपराधिक इतिहास
सलीम की पत्नी रुकसार ने बताया कि उनकी शादी वर्ष 2002-03 में हुई थी। रुकसार को पति के किसी आपराधिक रिकार्ड की जानकारी नहीं थी। साथ ही दूसरी ओर जब सलीम का आपराधिक इतिहास देखा गया तो वह शादी से पूर्व का निकला।

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दाऊद इब्राहिम
भैया वो छूट तो जाएंगे ना...
पति के जेल जाने के बाद से रुकसार हर किसी से पूछ रही है कि उसके पति को पुलिस छोड़ तो देगी या नहीं? उसे अपने पति के आपराधिक इतिहास और अपराध की गहनता के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
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DAWOOD - फोटो : SELF
फारुख के घर चलता था जुआ
स्थानीय लोगों, सलीम की पत्नी व आरिफ के परिजनों की मानें तो शांतिनगर भूड़ निवासी फारुख के घर पर ही जुआ खेला जाता था। फारुख ने ही सलीम को पथरी की दवा गुलावठी से दिलाने की बात कही थी। दिल्ली पुलिस ने भी सभी आरोपियों को फारुख के घर से ही दबोचा है।
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