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कमरा बना रखा था बूचड़खाना: बदबू छिपाने को हमेशा जलाकर रखता था अगरबत्ती, पढ़ें- इश्क-फरेब और कत्ल की पूरी कहानी

Mon, 14 Nov 2022 09:30 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
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मृतका श्रद्धा वाकर - फोटो : सोशल मीडिया
श्रद्धा हत्याकांड के आरोपी आफताब ने कत्ल के बाद रणनीति के तहत वारदात को छिपाने की कोशिश की, जिसमें वह काफी हद तक कामयाब भी रहा। परिजन अगर श्रद्धा की खोजबीन न करते तो वह पुलिस के हत्थे न चढ़ता। पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी आफताब को पता था कि शव को घर में रखने से बदबू आएगी। इस कारण वह घर में हमेशा अगरबत्ती जलाकर रखता था। वह पूरे घर में अगरबत्ती जलाता था। इसके अलावा उसे रूम फ्रेशनर भी इस्तेमाल करता था। इस तरह उसने करीब 22 दिन में काफी रूम फ्रेशनर खाली कर दिए थे।
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मृतक श्रद्धा का फाइल फोटो और आरोपी आफताब - फोटो : अमर उजाला
दक्षिण जिले के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त अंकित चौहान ने बताया कि श्रद्धा वाकर मलाड़, मुंबई में रहती थी और आरोपी आफताब भी मुंबई का रहने वाला है। दोनों की बोंबल डेटिंग एप के जरिए दोस्ती हुई थी। जल्द ही दोनों में प्यार हो गया और मुंबई में सहमति संबंधों में रहने लगे। कुछ समय बाद ही इनमें झगड़ा हो गया। ये एक-दूसरे पर संदेह करते थे। इस कारण इनमें झगड़ा होता रहता था। इनको लगा कि वह बाहर घूमने जाएंगे तो सब ठीक हो जाएगा। ये हिमाचल प्रदेश घूमने के बाद दिल्ली आ गए।
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मृतका श्रद्धा और हत्यारोपी आफताब - फोटो : सोशल मीडिया
इस तारीख को आरोपी ने दिल्ली में लिया था कमरा
पूछताछ में सामने आया है कि 15 मई को दोनों ने छतरपुर, महरौली में किराए पर कमरा लिया। तीसरे दिन ही 18 मई को इनमें झगड़ा हो गया और आफताब ने एक हाथ से श्रद्धा का मुंह दबाया। जब श्रद्धा चिल्लाने लगी तो आरोपी ने दूसरे हाथ से उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद उसने शव को बाथरूम में रखा।

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श्रद्धा (फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया
उसने शव के चापर से करीब 35 टुकड़े किए और फिर फ्रीज में रख दिए। वह रात दो बजे फ्रीज से एक शव का एक टुकड़ा निकलता और महरौली के जंगल में फेंक आता। इधर जब श्रद्धा सोशल मीडिया पर सक्रिय नहीं दिखी तो उसके दोस्तों ने अनहोनी की आशंका को लेकर पिता विकास वाकर (59) को बताई।
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मृतका श्रद्धा - फोटो : सोशल मीडिया
विकास वाकर ने इसकी आठ नवंबर को महरौली पुलिस को शिकायत की। महरौली पुलिस ने महरौली दर्जकर आफताब को छतरपुर से गिरफ्तार कर लिया। शुरू में वह पुलिस को ये कहकर गुमराह करता रहा कि झगड़ा होने के बाद श्रद्धा छोड़कर चली गई है। पुलिस ने उससे सख्ती से पूछताछ की तो उसने सच उगल दिया। आफताब को किसी तरह का पछतावा नहीं है।
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श्रद्धा (फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया
सहेली बोली- कई दिन से बंद आ रहा था श्रद्धा का मोबाइल
सितंबर में पीड़िता की सहेली ने अपने परिवार को बताया कि पिछले ढाई महीने से श्रद्धा से कोई संपर्क नहीं था और उसका मोबाइल नंबर भी बंद था। उसके परिवार ने उसके सोशल मीडिया अकाउंट्स को भी चेक किया और इस दौरान कोई अपडेट नहीं पाया था। सूत्रों के मुताबिक, श्रद्धा से पहले भी आफताब के कई लड़कियों से संबंध थे। अपराध करने से पहले उसने कई क्राइम फिल्में और वेब सीरीज भी देखीं, जिनमें अमेरिकन क्राइम ड्रामा सीरीज डेक्सटर भी शामिल है।
 
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आरोपी आफताब - फोटो : अमर उजाला
शव के मिल चुके हैं करीब 13 टुकड़े
महरौली पुलिस ने आफताब को कोर्ट में पेश कर पांच दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है, ताकि श्रद्धा के शव के टुकड़ों को ढूंढा जा सके और पूरी साजिश का पर्दाफाश किया जा सके। पुलिस को सोमवार शाम कर श्रद्धा के शव के करीब 13 टुकड़े मिल गए है। सभी टुकड़े हड्डियों मे रूप में मिल रहे हैं। शव के टुकड़े गल गए और जानवरों ने नोंच लिया है। आरोपी ने जहां शव के टुकड़े फेंके वहां से काफी दूरी पर मिल रहे हैं।
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श्रद्धा (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
आठ नवंबर को श्रद्धा की तलाश में दिल्ली आए थे परिजन 
श्रद्धा के पिता विकास मदान वाकर ने बताया कि विरोध करने पर बेटी और आफताब ने अचानक मुम्बई को छोड़ दिया। बाद में पता लगा कि दोनों महरौली के छतरपुर इलाके में रहते हैं। उसके दोस्तों से बेटी की जानकारी मिलती रही। बाद में बेटी के बारे में जानकारी मिलनी बंद हो गई। श्रृद्धा के फोन पर भी संपर्क किया गया, मगर वह बंद मिला। किसी अनहोनी की आशंका के चलते वह आठ नवंबर को छतरपुर स्थित फ्लैट पर गए। वहां पर फ्लैट बंद मिला। इसके बाद उन्होंने महरौली जाकर एसीपी विनोद नारंग को शिकायत दी और एफआईआर दर्ज कराई।
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