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शाहीन बाग में प्रदर्शनकारी महिलाओं को नहीं कोरोना का डर, बोलीं- वायरस से अल्लाह बचाएगा

Fri, 13 Mar 2020 10:13 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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शाहीन बाग में प्रदर्शनकारी महिलाएं - फोटो : सोशल मीडिया
शाहीन बाग में हजारों लोगों ने जुमे की नमाज पढ़ी। महिलाएं प्रदर्शन स्थल से हटने को राजी नहीं हैं। कह रही हैं कि कोरोना से उन्हें खुदा बचाएगा। सरकार जब तक संशोधित नागरिकता कानून को वापस लेने की घोषणा नहीं करती है, वह यहीं डटी रहेंगी।  
 
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कोरोना वायरस - फोटो : पीटीआई
एक तरफ कोरोना के खतरे से पूरी दुनिया सकते में है, विश्व स्वास्थ्य संगठन और भारत सरकार ने नागरिकों की सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की हुई है। जिसमें से एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी यह भी है कि नागरिक अनावश्यक भीड़ भाड़ वाले इलाकों में जाने से बचें। सार्वजनिक स्थानों पर जाने के दौरान शरीर के तमाम खुले हुए भागों को ढकने की सलाह भी दी गई है। 
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शाहीन बाग में मौजूद प्रदर्शनकारी महिलाएं - फोटो : ANI
दूसरी तरफ शाहीन बाग की महिलाएं पिछले लगभग तीन महीने से धरने पर बैठी हैं। वो किसी भी सूरत में यहां से हटने को राजी नहीं हैं। शुक्रवार को शाहीन बाग में दोपहर दो से ढाई बजे तक खुली सड़क पर जुमे की नमाज पढ़ी गई। जिसमें हजारों लोगों ने हिस्सा लिया। 

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धरने में नमाज आद करती महिलाएं। - फोटो : Rupesh
मुस्लिम समुदाय के लोग अमूमन किसी एक जगह पर एकत्रित होकर जुमे की नमाज पढ़ते हैं। जब से शाहीन बाग में महिलाओं का प्रदर्शन चल रहा है, तब से नियमित रूप से जुमे को यहां नमाज हो रही है। हालांकि जुमे की नमाज के बाद प्रदर्शन स्थल पर लोगों की संख्या कम हो गई। इसके बावजूद भारी तादाद में महिलाएं उपस्थित रहीं। 
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शाहीन बाग - फोटो : Amar Ujala
एक प्रदर्शनकारी महिला कनीज फातिमा ने कहा कि सरकार कोरोना से बचाव के लिए अपना काम करे। उन्हें डराने की कोशिश न की जाए, उनकी हिफाजत खुदा करेगा। फिलहाल जुमें को छोड़ दिया जाए तो पहले की अपेक्षा शाहीन बाग में कम लोग ही जुट रहे हैं, तकरीरें होनी भी घट गई हैं। खास लोगों का आना-जाना भी न के बराबर है। फिलहाल जुमे को शाहीन बाग की महिलाओं के बीच एक बैठक की गई, जिसमें दूसरी जगहों पर लगातार खत्म हो रहे प्रदर्शनों पर चर्चा की गई। महिलाओं ने कहा कि सरकार के इशारे पर पुलिस जबरन लोगों को प्रदर्शन स्थलों से हटा रही है।
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