फरीदनगर कस्बा छावनी में तब्दील हो चुका है। यहां धार्मिक स्थल का लाउडस्पीकर बंद करने को लेकर दो समुदाय के लोग आमने-सामने आ गए थे। इसके बाद जमकर पथराव और फायरिंग हुई। इसमें दो सिपाहियों समेत 30 से ज्यादा लोग पथराव में घायल हो गए थे।
विज्ञापन
धार्मिक स्थल पर माइक पर भड़की हिंसा के बाद छावनी बना कस्बा
2 of 6
बवाल के चलते गांव में अफरा-तफरी मच गई। एनएच-58 पर मोदीनगर में वाहनों का आवागमन रोक दिया गया। मेरठ से आने वाले वाहन हापुड़ से निकाले गए जबकि गाजियाबाद से जाने वाले वाहन भी मोदीनगर से डायवर्ट कर हापुड़ की ओर निकाले गए।
विज्ञापन
धार्मिक स्थल पर माइक पर भड़की हिंसा के बाद छावनी बना कस्बा
3 of 6
लोगों ने बताया कि गांव में दोनों समुदाय के धार्मिक स्थल हैं। एक धार्मिक स्थल पर लाउडस्पीकर बज रहा था, जबकि दूसरे में लोग धार्मिक कार्यक्रम कर रहे थे। एक समुदाय ने लाउडस्पीकर बंद करने को कहा। इसे लेकर शुरू हुआ विवाद इस कदर बढ़ा कि दोनों तरफ से पथराव होने लगा।
धार्मिक स्थल पर माइक पर भड़की हिंसा के बाद छावनी बना कस्बा
4 of 6
इसके बाद दोनों पक्षों से फायरिंग भी हुई। एसएसपी धर्मेंद्र सिंह ने दंगा नियंत्रण रेड स्कीम लागू कर जिले भर की फोर्स फरीदनगर बुला ली। मेरठ, बागपत, हापुड़ और गौतमबुद्धनगर की फोर्स भी बुलाई गई है।
विज्ञापन
धार्मिक स्थल पर माइक पर भड़की हिंसा के बाद छावनी बना कस्बा
5 of 6
सांप्रदायिक तनाव की गूंज लखनऊ तक पहुंच गई। गांव में भारी फोर्स तैनात कर दी गई है। गांव में तनावपूर्ण शांति है। गांववालों का कहना है कि एक सप्ताह से गांव में तनाव था।
धार्मिक स्थल पर माइक पर भड़की हिंसा के बाद छावनी बना कस्बा
6 of 6
इसकी सूचना पुलिस को भी सभासद ने दी थी, लेकिन पुलिस ने इसे ज्यादा गंभीरता से नहीं लिया। करीब 2500 आबादी है कस्बे की फरीदनगर कस्बे की करीब ढाई हजार मिली जुली आबादी है। लोगों का कहना है कि यहां सब सौहार्द से रहते हैं, मगर रविवार रात बात बिगड़ गई।