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दिल्ली में डॉक्टरों की हड़तालः इलाज के लिए भटकते रहे मरीज, सुरक्षाकर्मियों ने गेट से लौटाया

Fri, 27 May 2016 08:33 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : अमर उजाला
रेजिडेंट डॉक्टर्स की हड़ताल की वजह से सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने के लिए मरीज भटकते रहे लेकिन ज्यादातर मरीजों को बिना इलाज के ही लौटना पड़ा। ज्यादातर मरीज को सुरक्षाकर्मी मुख्य द्वार से ही हड़ताल होने की बात कह लौटा दे रहे थे।
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- फोटो : अमर उजाला
अमर उजाला संवाददाता पवन कुमार व फोटोग्राफर जी. पाल ने दिल्ली सरकार के कुछ अस्पतालों का मुआयना कर हड़ताल व मरीजों की परेशानी का जायजा लिया। पेश है आंखों देखा हाल :
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चिकित्सा सेवा पूरी तरह से ठप रही

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strike - फोटो : अमर उजाला
संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल, समय सुबह 11 बजे : मंगोलपुरी स्थित संजय गांधी अस्पताल में चिकित्सा सेवा पूरी तरह से ठप रही। यहां आपातकालीन सेवा पर भी गंभीर असर पड़ा। ओपीडी पूरी तरह से बंद थी कुछ विभागों के दरवाजे तक बंद थे जबकि कुछ विभागों में कुछ देर के लिए डॉक्टर आए लेकिन बिना मरीज देखे लौट गए।

ज्यादातर  एमएलसी केस को देखा जा रहा था

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strike - फोटो : अमर उजाला
दिलीप ने बताया कि मां का इलाज कराने आए थे लेकिन बिना इलाज के ही लौट रहे हैं। उसका कहना था कि हड़ताल की जानकारी एक दिन पहले होती तो आता ही नहीं। अस्पताल में मौजूद सुरक्षाकर्मी आपातकालीन विभाग में भी उन्हीं मरीजों को जाने दे रहे थे जिनको पुलिस लेकर आ रही थी। ज्यादातर  एमएलसी केस को देखा जा रहा था।
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दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में भी हड़ताल का गंभीर असर दिखा

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- फोटो : अमर उजाला
डीडीयू अस्पताल, सुबह 11.30 बजे : पश्चिमी दिल्ली के हरि नगर स्थित दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में भी हड़ताल का गंभीर असर दिखा। अस्पताल की रेजीडेंट डॉर्क्ट्स एसोसिएशन ने पूरी तरह से चिकित्सा सेवा ठप कर रखी थी। यहां का पंजीकरण काउंटर बिल्कुल खाली था। हड़ताल की सूचना की वजह से मरीज गेट से ही लौटने लगे थे।
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मरीजों को हड़ताल होने की बात कह कर गेट से लौटा रहे थे

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- फोटो : अमर उजाला
लोक नायक अस्पताल, समय 12.30 बजे : दिल्ली के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में मरीजों को बुरा हाल था, यहां तो सुरक्षाकर्मी ही मरीजों को हड़ताल होने की बात कह कर गेट से लौटा रहे थे।
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कुछ मरीजों को पंजीकरण काउंटर से लौटा दिया गया

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strike - फोटो : अमर उजाला
कुछ मरीजों को पंजीकरण काउंटर से लौटा दिया गया तो कुछ पंजीकरण कराने के बाद ओपीडी में डॉक्टर नहीं होने की वजह से अस्पताल से बिना इलाज के लौट गए। वजीराबाद से इलाज के लिए पहुंची इशरत ने बताया कि जब पहुंची तो पंजीकरण काउंटर ही बंद हो गया था लिहाजा बिना इलाज के ही लौटना पड़ा।

गुरु तेगबहादुर अस्पताल में मरीजों के इलाज के लिए लंबी लाइन लगी थी

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जीटीबी अस्पताल, दोपहर एक बजे : पूर्वी दिल्ली के गुरु तेगबहादुर अस्पताल में मरीजों के इलाज के लिए लंबी लाइन लगी थी। रेजिडेंट डॉक्टर्स के हड़ताल पर होने की वजह से सीनियर डॉक्टर्स की ड्यूटी लगाई गई थी लेकिन मरीजों की संख्या के सामने डॉक्टर्स काफी कम थे। सड़क हादसे में घायल 18 वर्षाय गुड्डू इलाज के लिए आपाकालीन विभाग आया लेकिन उसे भी इलाज के लिए इंतजार करना पड़ा।
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बुजुर्ग महिला की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया और अस्पताल के सामने जाम लगा दिया

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- फोटो : अमर उजाला
दिल्ली के सरकारी अस्पतालों के रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल से बृहस्पतिवार को एक मरीज की मौत हो गई। एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती 70 वर्षीय शाबरा बेगम किडनी की बीमारी से पीड़ित थी। परिजनों का आरोप है कि हड़ताल के चलते समय से उपचार नहीं मिला। बुजुर्ग महिला की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया और अस्पताल के सामने जाम लगा दिया। बाद में पुलिस ने लोगों को समझाकर जाम खुलवाया।
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