noida play
- फोटो : लाल सिंह
इससे पूर्व पिछले छः दिनों के दौरान गिरीश कर्णाड़ का तुगलक, जोसेफ केसर्लिंग की आर्सेनिक एवं ओल्ड लेस, मानव कौल का प्रेम कबूतर, निलॉय रॉय का दादू, रबिन्द्र नाथ टैगोर की पोएम ऑफ एन एंडिंग और ख्वाजा अहमद अब्बास का काला सूरज सफेद साये शामिल रहे। विभिन्न विषयों और जीवन के अनमोल पहलूओं से रूबरू कराते इन नाटकों ने थिएटर प्रेमियों को खासा उत्साहित किया और उन्हें गुणवत्ता व उच्च स्तरीय नाटकों को देखने का अवसर प्रदान किया। फेस्टिवल में हर किसी के लिये कुछ-न-कुछ मौजूद रहा और छुट्टियों के मौसम के चलते परिवार वालों और दोस्तों के साथ आनंद उठाने का एक बेहतरीन अवसर रहा पन्ना भरत राम थिएटर फेस्टिवल।