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पदमश्री अवार्डी पर पार्किंग व जस्टिस टावर का निर्माण कर रहे ठेकेदार पर लगाया यह आरोप

Fri, 06 Oct 2017 09:57 AM IST
बयूरो/ अमर उजाला, गुरुग्राम
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sunil dabas - फोटो : अमर उजाला
बुधवार रात को कृषि विज्ञान केंद्र का मेन गेट तोड़ने आए कुछ लोगों ने पदमश्री अवार्डी और भारतीय महिला कबड्डी की पूर्व कोच सुनील डबास पर हमला कर दिया। वह यहां गेट तोड़ने का विरोध करने पहुंचीं थीं। इस दौरान आरोपियों ने अपनी गाड़ी से कई बार उन्हें टक्कर मारने का प्रयास किया, लेकिन एथलीट होने के चलते उन्होंने  भागकर अपनी जान बचाई। इस दौरान उन्होंने पुलिस को सूचना दी, जो देरी से मौके पर पहुंची। इस घटना से वह बुरी तरह से घबरा गईं, जिसके चलते वह बेहोश हो गईं। उन्हें नजदीक के अस्पताल में पहुंचाया गया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है।
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sunil dabas - फोटो : अमर उजाला
पुलिस के अनुसार पदमश्री अवार्डी महिला कबड्डी कोच कृषि विज्ञान केंद्र में बने स्टाफ क्वार्टर में रहती हैं और द्रोणाचार्य राजकीय महाविद्यालय में खेल विभाग की अध्यक्ष हैं। बुधवार रात करीब साढ़े 10 बजे वह खाना खाने के बाद टहलने के लिए घर से बाहर निकली थीं। इस दौरान डंपर से कुछ लोग ग्राउंड में मिट्टी डाल रहे थे जिन्हें उन्होंने मना किया। कुछ देर बहस होने के बाद वह वापस घर आ गईं। रात करीब सवा 11 बजे उन्हें कुछ तोड़फोड़ होने की आवाज आई, जिस पर वह घर से बाहर निकलकर देखने लगी। उन्होंने देखा कि करीब डेढ़ दर्जन लोग कृषि विज्ञान केंद्र के गेट के पास मौजूद हैं और गेट को तुड़वा रहे हैं। इस पर वह मौके पर पहुंची और उन्हें रोकने का प्रयास किया।
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sunil dabas - फोटो : अमर उजाला
आरोप है कि इस दौरान वह उन पर भड़क उठे और एक गाड़ी में सवार दो लोगों ने उन पर गाड़ी चढ़ाने का प्रयास किया। तब वह दूसरी तरफ कूद गईं और उनकी जान बच गई। आरोप है कि करीब 30 मिनट तक उन पर लगातार गाड़ी चढ़ाने का प्रयास किया जाता रहा और वह इधर-उधर कूद कर जान बचाती रहीं। इस दौरान उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस कंट्रोल रूम में की। आरोप है कि करीब 5 मिनट तक कंट्रोल रूम का नंबर कनेक्ट नहीं हुआ। नंबर मिलते ही उन्होंने घटना की जानकारी पुलिस को दी। करीब 20 मिनट बाद उन्हें शिवाजी नगर थाने से उनके पास कॉल आई, जिसमें उन्होंने वारदात की जानकारी दी।

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sunil dabas
आरोप है कि कॉल करने वाले पुलिसकर्मी उन्हें लघु सचिवालय का रास्ता न मालूम होने की बात कहने लगे। वारदात के बाद वह काफी घबरा गईं, जिसके चलते उनकी हालत बेहोशी जैसी होने लगी। इस दौरान उनका शोर सुनकर कॉलोनी के लोग और उनके पति भी मौके पर पहुंच गए।  जिससे उनकी जान बची। पुलिस काफी देर से मौके पर पहुंची। वह सुनील को  आरोपियों की गाड़ी में बैठाकर अस्पताल ले जाने लगी जिस पर उन्होंने इंकार कर दिया। जिसके बाद दूसरी गाड़ी में उन्हें पास के ही निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां से उन्हें छोड़ने के बाद पुलिसकर्मी भी मौके से चले गए। आरोप है कि जिस वक्त उन पर हमला हुआ और उनकी हालत बेहोशी जैसी हुई तो उन्हें अस्पताल ले जाने के लिए उनके पति गाड़ी लेकर आ रहे थे, जिसे भी दबंगों ने बीच में रोक लिया और उनके साथ गाली गलौच भी की। पुलिस को इसकी शिकायत दी गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
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sunil dabas - फोटो : अमर उजाला
सहायक पुलिस आयुक्त शहर राजीव कुमार ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। हमला होने का शक स्थानीय पार्किंग व जस्टिस टावर का निर्माण कर रहे ठेकेदार  पर जाहिर किया गया है। मामले की जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस घटना में पीड़िता को चोट नहीं आई है। घबराहट से वह बेहोशी की हालत में आ गई थीं। अस्पताल में इलाज के बाद उन्हें छुट्टी मिल चुकी है।
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