भलस्वा लैंडफिल साइट की आग
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आबोंहवा से खराब हुई किडनी तो दो किलोमीटर दूर बनाया आशियाना
इलाके की आबोंहवा की असर लोगों की सेहत पर इस कदर पड़ रहा है कि लोग यहां से जाने को मजबूर हैं। इलाके में बीते 35 वर्षों से रहने वाले जवाहर का आरोप है कि उनकी किडनी यहां का गंदा पानी पीकर खराब हो चुकी है। इस वजह से उन्हें 2016 में किडनी का प्रत्यारोपण कराना पड़ा। लैंडफिल साइट से आने वाली धूल व दुर्गंध के कारण सांस लेने में परेशानी के कारण दो किलोमीटर दूर कमरा बनवा लिया है। उम्मीद थी कि बीते 20 सालों में लैंडफिल साइट खत्म हो जाएगी, लेकिन अब घर बेचने की मजबूरी सामने आ गई है। इसी प्रकार सी-ब्लॉक में रहने वाले सोनू का छह लोगों का परिवार है। परिवार में डेढ़ साल का एक बच्चा है, जिसे दुर्गंध व धूल के कारण सांस लेने में पेरशानी होती है। वहीं, घर में रहने वाले बुजुर्ग भी इस समस्या से दूर नहीं हैं।
बीते 23 वर्षों से इलाके में रह रहे अखिलेश ठाकुर कहते हैं कि उन्हें उम्मीद थी कि कुछ सालों में यह कूड़े का पहाड़ खत्म हो जाएगा, लेकिन सरकारें आईं और गईं, लेकिन आज भी यह पहाड़ लोगों का दम घोंटने का काम कर रहा है। स्थानीय दुकानदार चंद्रेश्वर कहते हैं कि कई बार इस समस्या को लेकर स्थानीय प्रशासन से शिकायत की, लेकिन हर बार की तरह सिर्फ आश्वासन की फाइल ही हाथों में आई।