नोएडा प्राधिकारण का एक चौकीदार है, नितिन राठी। जानकार बताते हैं कि वह लग्जरी लाइफ स्टाइल का शौकीन था। महंगे कपड़े पहनना और एक्सयूबी कारों में घूमना उसका शौक था। (तस्वीरें: राजन राय/अमर उजाला)
विज्ञापन
यूपी के इस चौकीदार का ठाठ देख फटी रह जाएंगी आखें
2 of 16
फेसबुक पर अपलोड फोटोग्राफ से भी यह बात साबित हो रही है। पीड़ितों से फेसबुक पर अपलोड शराब पीते फोटो प्राप्त हुई है। बत्ती लगी कार के पास फोटो भी फेसबुक पर है।
विज्ञापन
यूपी के इस चौकीदार का ठाठ देख फटी रह जाएंगी आखें
3 of 16
घूमने-फिरने का भी शौक था। वह जब भी किसी से मिलता था तो बाहरी व्यक्ति अंदाज भी नहीं लगा सकता था कि वह प्राधिकरण में चौकीदार है।
यूपी के इस चौकीदार का ठाठ देख फटी रह जाएंगी आखें
4 of 16
बताते हैं कि पिता की जगह उसे नौकरी तो मिल गई थी। उसकी ड्यूटी भी नोएडा स्टेडियम में रात के वक्त लगती थी। वह ड्यूटी करता था या नहीं, यह किसी ने नहीं देखा। सिर्फ माह की तनख्वाह करीब 20 हजार रुपये लेता रहता था।
विज्ञापन
यूपी के इस चौकीदार का ठाठ देख फटी रह जाएंगी आखें
5 of 16
अब प्राधिकरण के चौकीदार नितिन राठी पर प्लॉट और फ्लैट दिलाने के नाम पर कई लोगों से ठगी का मामला प्रकाश में आया है। आरोप है कि उसने फर्जी आवंटन पत्र थमाकर लोगों से रुपये ऐंठ लिए। पीड़ितों ने बृहस्पतिवार शाम एसएसपी आवास पर प्रदर्शन कर न्याय की मांग की थी।
विज्ञापन
यूपी के इस चौकीदार का ठाठ देख फटी रह जाएंगी आखें
6 of 16
जानकारी के मुताबिक प्राधिकरण द्वारा पिछले दो साल में जो भी कैंसिल प्लॉट व लेफ्ट आउट फ्लैट की आवासीय स्कीमें लाई गई हैं। इसमें आवेदन पत्र भरने के दौरान चौकीदार लोगों से संपर्क कर कहता था कि रुपये खर्च करो तो वह आवंटन करा सकता है। ड्रॉ होने पर चौकीदार कहता था कुछ प्लॉट और फ्लैट बचाकर रख लिए गए हैं।
विज्ञापन
यूपी के इस चौकीदार का ठाठ देख फटी रह जाएंगी आखें
7 of 16
साथ ही कुछ ऐसे भी प्लॉट या फ्लैट होते थे जिनका किसी न किसी कारण से आवंटन निरस्त हो जाता था। चौकीदार उन्हीं के फर्जी कागजात थमाकर लोगों से रुपये ले लेता था और प्राधिकरण में भी किस्त के रूप में जमा करा देता था। चूंकि लोगों को आवंटन पत्र मिल गया था और प्राधिकरण में पैसा भी जमा हो रहा था, इसलिए उन्हें खुद के ठगे जाने का शक भी नहीं हुआ।
यूपी के इस चौकीदार का ठाठ देख फटी रह जाएंगी आखें
8 of 16
नोएडा प्राधिकरण के चौकीदार नितिन राठी के खिलाफ शुक्रवार को 11 पीड़ितों ने बयान दर्ज कराए। एसीईओ वीके पवार ने पीड़ितों के लिखित बयान दर्ज किए।
यूपी के इस चौकीदार का ठाठ देख फटी रह जाएंगी आखें
9 of 16
चौकीदार ने सेक्टर-122 स्थित श्रमिक कुंज, सेक्टर-73 स्थित ईडब्ल्यूएस फ्लैटों और कुछ प्लॉटों का फर्जी दस्तावेज तैयार कर दर्जनों लोगों को आवंटित कर दिया। उनसे मोटी रकम ऐंठ ली।
यूपी के इस चौकीदार का ठाठ देख फटी रह जाएंगी आखें
10 of 16
प्राधिकरण के खाते में भी लोगों से पैसे जमा करा दिए। शुक्रवार को बयान दर्ज कराने वालों में शुभांकर बासु, अमित कुमार, विकास कुमार, दिपेश कुमार, रंजन कुमार, महेश प्रसाद, राकेश कनौजिया और जयसिंह सहित कुल 11 लोग शामिल हैं। लिखित में बयान दर्ज करा दिए हैं।
यूपी के इस चौकीदार का ठाठ देख फटी रह जाएंगी आखें
11 of 16
पीड़ितों की मानें तो नितिन करीब 70 लोगों से फर्जी आवंटन कर पैसे लिए हैं। ज्यादातर पीड़ित नितिन के पहले से जानकार थे। नितिन का चालक, सहपाठी, पड़ोसी आदि शामिल हैं। पीड़ितों के अनुसार नितिन ने अपने जीजा को भी ठगी का शिकार बनाया है।
यूपी के इस चौकीदार का ठाठ देख फटी रह जाएंगी आखें
12 of 16
वे अभी तक सामने नहीं आए हैं। शुक्रवार को प्राधिकरण पहुंचे पीड़ितों ने प्राधिकरण के खाते में जमा और नितिन को दी गई नकद राशि दोनों लौटाने के लिए आवेदन दिया है। हालांकि प्राधिकरण सिर्फ वही धनराशि लौटाएगा, जो कि प्राधिकरण के खाते में जमा है।
यूपी के इस चौकीदार का ठाठ देख फटी रह जाएंगी आखें
13 of 16
वहीं, पीड़ितों के लिखित बयान के आधार पर प्राधिकरण ने मुकद्मा दर्ज कराने और निलंबन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। एसीईओ ने इस कार्रवाई पर संस्तुति देकर फाइल चेयरमैन को भेज दी है। शहर से बाहर होने के कारण चेयरमैन की स्वीकृति मिलने का इंतजार है। सोमवार तक ये कार्रवाई हो सकती है।
यूपी के इस चौकीदार का ठाठ देख फटी रह जाएंगी आखें
14 of 16
पीड़ित दिपेश बताते हैं कि वो और नितिन केंद्रीय विद्यालय में साथ में पढ़ते थे। रोज का मिलना-जुलना था। कुछ समय के लिए दिपेश विदेश चला गया। वापस आने पर फिर नितिन से मुलाकात हो गई।
यूपी के इस चौकीदार का ठाठ देख फटी रह जाएंगी आखें
15 of 16
विश्वास में आकर पैसा दे दिया। इस मामले के बाद से वह गायब है। उसकी मुलाकात नहीं हो पाई है। दिपेश बताते हैं कि उसकी चमक-दमक से लगता ही नहीं था कि वह प्राधिकरण में चौकीदार है, बल्कि ऐसे शो करता था, कि वह कोई बड़ा अधिकारी हो।
करोड़ों की ठगी का आरोपी चौकीदार की प्राधिकरण से बर्खास्तगी भी हो सकती है। आरोप साबित होने का इंतजार हो रहा है। इससे प्राधिकरण की छवि खराब हुई है। एसीईओ अखिलेश सिंह का कहना है कि अगर आरोप साबित हुआ तो चौकीदार की सेवाएं भी समाप्त की जा सकती हैं।