अदालत के फैसले से निराश निर्भया के दोषी विनय की मां ने कहा कि अगर मुझे मौका मिलता तो मैं अपने बेटे को उसका मनपसंद भोजन पूरी, सब्जी और कचौड़ी खिलाती। उन्होंने कहा कि कई बार बेटे को पूरी, सब्जी और कचौड़ी खिलाने की कोशिश की, पर जेल प्रशासन ने कभी अनुमति नहीं दी।
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Nirbhaya Case
- फोटो : अमर उजाला
निर्भया के दोषी विनय, पवन और मुकेश का परिवार आरके पुरम स्थित रविदास कैंप में रहता है। विनय की मां ने कहा कि समय तेजी से निकल रहा है और उनकी धड़कने भी बढ़ रही हैं।
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मैं चाहती हूं कि कोई मेरे बेटे की फांसी रोक दे और उसे एक मौका और दें, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। उनकी सारी उम्मीदें समाप्त हो गई हैं और धैर्य भी टूट गया। उन्होंने कहा कि सब ईश्वर की मर्जी है। अगर उनके बेटे को बचना होगा तो वह जरूर बचेगा।
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आपको बता दें कि दिल्ली में 16 दिसंबर 2012 को एक युवती को सामूहिक दुष्कर्म के बाद आरोपी ने चलती बस से फेंक दिया था। जिससे उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इस मामले के चारों दोषियों को आज शुक्रवार की सुबह साढ़े पांच बजे फांसी दे दी गई। दोषी मुकेश सिंह (32), पवन गुप्ता (25), विनय शर्मा (26) और अक्षय कुमार सिंह (31) ने फांसी से बचने के लिए अपने सभी कानूनी विकल्पों का पूरा इस्तेमाल किया और बृहस्पतिवार की रात तक इस मामले की सुनवाई चली।
यानि फांसी की सजा पाए निर्भया के गुनहगार आखिरकार सात साल, तीन महीने और तीन दिन बाद अपने अंजाम पर पहुंच गए। निर्भया के चारों दोषियों को शुक्रवार तड़के 5:30 बजे तिहाड़ जेल में फांसी पर लटका दिया गया।