निर्भया के लिए इंसाफ की मांग करते लोग
इधर दोषियों के वकील एपी सिंह ने कहा है कि वह आज या कल में क्यूरेटिव पिटिशन दाखिल करेंगे और सुप्रीम कोर्ट के सामने 2017 के बाद के उन सभी 17 मामलों की लिस्ट रखेंगे, जिसमें देश की सबसे बड़ी अदालत ने मौत की सजा को उम्रकैद में बदल दिया था। क्यूरेटिव पिटीशन दोषी के पास मौजूद अंतिम मौका होता है जिसके द्वारा वह अपने लिए निर्धारित की गई सजा में नरमी की गुहार लगा सकता या सकती है। इसे पुनर्विचार और दया याचिका खारिज होने के बाद दाखिल किया जाता है। अगर इसकी सुनवाई के दौरान अदालत दोषियों के लिए थोड़ी नर्मी दिखाती है, तो उनकी फांसी रुक सकती है, लेकिन इसके बाद दोषी किसी तरह की कानूनी सहायता नहीं ले सकते।